कटिहार – महागठबंधन की ओर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं ने विजयादशमी के दिन रावण के जगह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।देश में आंदोलक के प्रतीक लोक नायक जय प्रकाश नारायण चौक पर महागठबंधन से जुड़े पूर्व विधायक डॉ. रामप्रकाश महतो, पूर्व विधायक महबूब आलम एवं राजद के निवर्तमान प्रदेश महासचिव समरेंद्र कुणाल के संयुक्त नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। पुतला दहन से पहले प्रदर्शनकारीयों ने चंदा चोर वोट चोर गद्दी छोड़ ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार को आदि जमकर नारा लगा रहे थें।
इस अवसर पर डॉ. महतो ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने साजिश कर वोट चोरी किया एसआईआर वोट चोरी का रास्ता है।वहीं पूर्व विधायक महबूब आलम ने कहा लोकतंत्र को खत्म करने की बड़ी साजिश हो रही है ।जनता चुप नहीं रहेगी आंदोलन जारी रहेगा।
राजद नेता समरेंद्र कुणाल ने कहा कि त्रेता युग में रावण अहंकार में चूर था तानाशाही अधर्म असत्य के कारण उसका श्रीराम के द्वारा वध हुआ था आज के दौर में राष्ट्रधर्म पर अधर्म चरम सीमा पर है धीरे धीरे लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है संविधान को हटा कर मनुस्मृति थोपने का कुत्सित प्रयाश हो रहा है। श्री कुणाल ने कहा कि बिहार बंगाल में एस आई आर के माध्यम से वोट चोरी कर भाजपा सत्ता में आई है।उन्होंने कहा कि बिहार बंगाल में सरकार को बर्खास्त कर दोबारा चुनाव कराना होगा ज्ञानेश कुमार जैसे रावण को जेल की सलाखों में डालना होगा।
चुनाव आयोग के खिलाफ देश भर में आक्रोश है विपक्ष को ज्ञानेश मान्य नहीं है फिर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर बने रहना लोकतंत्र के दृष्टिकोण से यह बेमानी है।उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी देश में वोट चोरी तरह करोड़ लोगों को मताधिकार से वंचित करना देश द्रोह है। ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मोदी सरकार ने चुनाव नियमावली कानून में संशोधन कर ज्ञानेश कुमार को बचाने के मास्टर प्लान किया। जनता चुप नहीं रहेगी पूजा बाद आंदोलन और तेज होगा।
श्री कुणाल ने कहा कि आगे ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में कोई चुनाव देश को स्वीकार नहीं होगा।इस अवसर पर राजद नेता श्रीलाल उराँव, देवानंद यादव, असीम भौमिक, प्रीतम सिंह चंद्रवंशी, गोपाल सिंह, अशोक झा, कृष्णा कुमार दास, करण राय, अर्जुन सिंह कुशवाहा, भीम यादव, मंगेश कुमार, कृष्णमोहन कुमार सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।