नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी, नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का किया आह्वान
दिघलबैंक/मुरलीधर झा
नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने और युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को मदरसा दारूल होदा, बैरबन्ना में नशामुक्ति जागरूकता अभियान के तहत महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में 12वीं वाहिनी एसएसबी की ‘बी’ समवाय दिघलबैंक के सहायक कमांडेंट मनोज कुमार ने ग्रामीणों एवं मदरसा समिति के सदस्यों को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सहायक कमांडेंट मनोज कुमार ने मदरसा समिति के अध्यक्ष मैनुल हक द्वारा आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने मदरसा के प्रधान मौलवी खुशबुर रहमान, इमाम अब्दुल कलाम, उपाध्यक्ष मो. शमीम, वार्ड सदस्य मो. इस्राइल, मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह सहित उपस्थित ग्रामीणों का भी धन्यवाद किया।
अपने संबोधन में सहायक कमांडेंट ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन आज एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है। इसका प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार, समाज और देश के विकास पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार जिज्ञासा, साथियों के दबाव, मानसिक तनाव या गलत संगति के कारण युवा नशे की शुरुआत कर देते हैं और धीरे-धीरे इसकी गिरफ्त में फंस जाते हैं।
उन्होंने नशीले पदार्थों के लगातार सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीली दवाओं का सेवन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है तथा हृदय, फेफड़ों, किडनी और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं नशे की लत मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्ति के व्यवहार को भी प्रभावित कर सकती है।
नशा परिवार और समाज को भी करता है प्रभावित
सहायक कमांडेंट ने कहा कि नशे की लत का असर केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। इससे परिवार में आर्थिक परेशानी, तनाव और आपसी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की संगति, गतिविधियों और व्यवहार पर ध्यान रखने तथा उन्हें सकारात्मक माहौल देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार का संबंध अपराध और तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं से भी जुड़ सकता है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूक रहना और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहिए।
नशा मुक्त भारत अभियान की दी जानकारी
कार्यक्रम में नशा मुक्त भारत अभियान के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को सही समय पर चिकित्सीय एवं परामर्श सहायता मिलना जरूरी है। नशा मुक्ति से संबंधित सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14446 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
सहायक कमांडेंट ने युवाओं से नकारात्मक संगति से दूर रहने, नशे के लिए मिलने वाले दबाव को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने तथा अपनी दिनचर्या को खेलकूद, योग, व्यायाम एवं सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नशे से मिलने वाला सुख क्षणिक होता है, जबकि इसके दुष्परिणाम लंबे समय तक व्यक्ति और उसके परिवार को प्रभावित कर सकते हैं। नशे की लत से बाहर निकलना संभव है और सही जानकारी, परिवार के सहयोग तथा समय पर चिकित्सीय सहायता से व्यक्ति स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मदरसा समिति, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में सहयोग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने की बात कही।