दिघलबैंक/मुरलीधर झा
12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, किशनगंज (बिहार) द्वारा जीवंत ग्राम कंचनबारी में ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में 15 दिवसीय मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री पवन कुमार, कार्यवाहक कमांडेंट, 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, किशनगंज के निर्देशन में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जीवंत ग्राम कंचनबारी के कुल 30 ग्रामीणों को मशरूम की खेती से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक, खेती के लिए आवश्यक सामग्री, उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, रख-रखाव तथा उत्पादन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा प्रशिक्षण में मशरूम में होने वाले रोग एवं कीट प्रबंधन, बेहतर उत्पादन के उपाय, तैयार मशरूम की गुणवत्ता बनाए रखने तथा उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जाएगी। ग्रामीणों को मशरूम की बिक्री एवं विपणन के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे इसे छोटे स्तर पर शुरू कर अपनी आय का साधन बना सकें।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, अतिरिक्त आय के साधन विकसित करना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। कम लागत और सीमित स्थान में मशरूम उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण ग्रामीण परिवारों के लिए आयवर्धक गतिविधि के रूप में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सशस्त्र सीमा बल द्वारा आयोजित इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों से ग्रामीणों को पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ नए रोजगार एवं स्वरोजगार के विकल्प अपनाने का अवसर मिलता है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ग्रामीण मशरूम उत्पादन की तकनीक सीखकर भविष्य में इसे व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए सशस्त्र सीमा बल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीक सीखने और अपने स्तर पर आय का नया स्रोत विकसित करने में मदद मिलेगी।