न्यायिक पदाधिकारियों ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण एवं बच्चों के कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
कटिहार – जिला विधिक सेवा प्राधिकार कटिहार की ओर से जयमाला शिक्षा निकेतन में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को बाल अधिकार, बाल यौन शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम, शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण एवं निःशुल्क कानूनी सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौधरी रहे।
इनके अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी वेद प्रकाश तिवारी,अवर न्यायाधीश -सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार कमलेश सिंह देऊ, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, महिला विकास निगम की प्रभा पाण्डेय, तटवासी समाज न्यास के अमरेश सिंह एवं एमआईएस ऑफिसर प्रवीण कुमार ठाकुर उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी और आने वाले कल का भविष्य होते हैं।
प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। सुरक्षित बचपन का अर्थ बच्चों को केवल बाहरी खतरों से बचाना ही नहीं, बल्कि उन्हें शारीरिक,मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना भी है।उन्होंने बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार के प्रति बच्चों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अनुचित स्पर्श, व्यवहार या मानसिक प्रताड़ना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में बच्चों को चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने, शिक्षा के प्रति गंभीर होने और अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझने की अपील की।न्यायिक दंडाधिकारी वेद प्रकाश तिवारी ने बच्चों को कानूनी अधिकारों एवं यौन शोषण से सुरक्षा के प्रावधानों की जानकारी दी। कमलेश सिंह देऊ ने निःशुल्क कानूनी सहायता के महत्व को समझाया।
राजेश कुमार सिंह ने बाल संरक्षण एवं पुनर्वास, प्रभा पाण्डेय ने बालिकाओं की सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता, अमरेश सिंह ने बाल विवाह एवं बाल श्रम उन्मूलन तथा प्रवीण कुमार ठाकुर ने स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील कुमार सुमन ने मुख्य अतिथि सहित सभी न्यायिक पदाधिकारियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
डॉ. सुमन ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों से युक्त, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षित, शिक्षित और संस्कारित बच्चे ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र का निर्माण करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार निराला, वरिष्ठ शिक्षक बालकृष्ण वर्मा, मिथिलेश कुमार झा, नवरत्न झा, कुमार योगेश झा, अमित कुमार, सुबर्तो मुखर्जी, जयंत मलाकर, मोहम्मद कमरूल हक, नूर आलम, मोहम्मद अबराज, लोकनाथ लोकप्रिये, तिरलोकी मंडल, राज कुमार, अनुरंजन कुमार, सलोनी कुमारी, निशा, स्वाति, रिया चक्रवर्ती, खुशबू कुमारी, नेहा कुमारी, मनीषा कुमारी, सीमा कयस्कर, श्रुति एवं कोयल सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।