सागर चंद्रा/ किशनगंज
मदरसा एहसानिया रूईधासा बजरादंगा थाना बहादुरगंज के सचिव गुफरान जावेद पिता मोहम्मद रईमउद्दीन बैगना, टेढागाछ निवासी ने बैगना निवासी हेड मौलवी मोहम्मद जहुर आलम पिता गोहर अली पर एचडीएफसी बैंक से मिलीभगत कर लाखों रूपये के सरकारी राशि का धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। न्यायालय के निर्देश पर टाउन थाने में केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
वहीं पीड़ित गुफरान जावेद का कहना है कि उसके पिता रईसउद्दीन की मौत के बाद वर्ष 2018 में आम सभा द्वारा प्रस्ताव पारित कर उन्हें मदरसा का सचिव बनाया गया था। इस संबंध के बारे कागजात हेड मौलवी जहुर आलम के द्वारा पटना मदरसा बोर्ड में जमा कराने के लिए भेजा गया था। कुछ समय बाद जहुर आलम ने उन्हें बताया कि पटना मदरसा बोर्ड से अभी सचिव पद की स्वीकृति नही आई है। अब मदरसा का ट्रस्ट बनाना आवश्यक है।
इसके बाद जहूर आलम ने एक ट्रस्ट का गठन किया जिसमें पीड़ित को सचिव बताया गया। आरोपी ने पीड़ित को झांसे में लेकर कई कागजातों पर उससे हस्ताक्षर करवा लिया। गत वर्ष दिसम्बर माह में पीड़ित नीजी काम से एचडीएफसी बैंक की शाखा किशनगंज गया था। जहां उसने आरोपी हेड मौलवी को बैंक मैनेजर से बातचीत करते देखा। उसके पास एक फाइल थी। जिसपर पीड़ित का नाम लिखा था।
लेकिन आरोपी गोपनीयता हवाला देते हुए फाइल लेकर चुपचाप बैंक से निकल गया। जिससे पीड़ित का शक गहरा गया। पीड़ित ने जब गोपनीय तरीके से जांच किया तो पता चला कि आरोपी जहुर आलम ने पीड़ित गुफरान जावेद के नाम से एक संयुक्त बैंक खाता एचडीएफसी बैंक में खोला है। यह खाता दिसम्बर 2021 से संचालित है जिस खाते से समय समय पर पीड़ित का जाली हस्ताक्षर कर सरकारी रूपये का निकासी किया गया है।
मामला संज्ञान में आने के बाद पीड़ित ने वकील के माध्यम से बैंक को नोटिस भी भेजा। लेकिन बैंक के द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। पीड़ित ने पुलिस के साथ साथ विभागीय अधिकारियों के समक्ष भी इंसाफ की गुहार लगाई। लेकिन उसकी गुहार अनसुनी कर दी गई। नतीजतन उसने इंसाफ के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के निर्देश पर टाउन थाने में केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।