मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने किया उद्घाटन, बोले- शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान और इलाज से बचाई जा सकती है मरीजों की जान; एमजीएम के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भेजने की भी घोषणा
किशनगंज/राजेश दुबे
माता गुजरी यूनिवर्सिटी परिसर में शुक्रवार को इन्वेस्टिकॉन-2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सेमिनार में देश-विदेश के जाने-माने चिकित्सकों, चिकित्सा विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं ने शिरकत की। सेमिनार में चिकित्सा विज्ञान में नवाचार, आधुनिक तकनीक, बेहतर डायग्नोस्टिक व्यवस्था और रोगों की शुरुआती पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह माता गुजरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सेमिनार में मलेशिया, नेपाल सहित विभिन्न देशों और भारत के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे चिकित्सकों एवं चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य डायग्नोस्टिक के माध्यम से विभिन्न बीमारियों की पहचान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी का शुरुआती चरण में पता चलना बेहद महत्वपूर्ण है। यदि मरीज को समय रहते बीमारी की पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध करा दिया जाए तो रोग को गंभीर अवस्था में पहुंचने से रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा कि माता गुजरी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से मेडिकल साइंस को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। संस्थान का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और शोध के जरिए गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।
इस दौरान मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज के जो भी छात्र राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे, उन्हें अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए भी कॉलेज की ओर से आवश्यक व्यवस्था और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए शोध, तकनीक और नवाचारों को समझने का अवसर मिलेगा।
इन्वेस्टिकॉन-2026 के आयोजन को चिकित्सा शिक्षा, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ इच्छित भारत सहित अन्य गण्यमान्य लोग मौजूद थे