लंबित योजनाओं में तेजी लाने, बाधाओं का तत्काल निराकरण एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश
संवाददाता/किशनगंज
जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, अपूर्ण योजनाओं तथा कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। लंबित एवं अपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए तथा अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की समीक्षा की गई। रिपोर्ट के अनुसार एलएइओ द्वारा विभिन्न प्रखंडों में कुल 47 योजनाओं में 34 पूर्ण तथा 13 योजनाएं अपूर्ण हैं। कई योजनाओं में फिनिशिंग, छत, कॉलम एवं अन्य कार्य प्रगति पर हैं।
जिलाधिकारी ने लंबित पंचायत सरकार भवनों के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने तथा नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया।
शिक्षा विभाग की योजनाओं पर विशेष निगरानी
बैठक में शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य निधि मद से संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। किचन शेड, चारदीवारी, विद्युत कार्य, प्रमुख मरम्मत, शौचालय एवं अन्य निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। रिपोर्ट में कुल 191 योजनाओं में 168 पूर्ण तथा 11 योजनाएं अपूर्ण दर्ज हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालयों से संबंधित अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की योजनाओं में बाधाओं का तत्काल समाधान
आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण एवं भवन निर्माण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान भूमि की अनुपलब्धता, स्थल विवाद एवं अन्य कारणों से प्रभावित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालय निर्माण से संबंधित कुल 148 कार्यों में 143 पूर्ण हैं, जबकि कुछ कार्य विभिन्न कारणों से प्रभावित हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि एवं स्थल संबंधी समस्याओं का समन्वय के साथ शीघ्र समाधान कराने तथा पात्र स्थलों पर कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में वाइब्रेट विलेज के अंतर्गत जिले के सीमावर्ती गांवों के लिए तैयार विलेज एक्शन प्लान की भी समीक्षा की गई। कुल 231 योजनाओं के लिए लगभग ₹66.12 करोड़ की राशि का प्रस्ताव भेजा गया है। इन योजनाओं में सामुदायिक भवन,मक्का प्रोसेसिंग सीएफसी प्लांट, गोदाम, विद्यालय उन्नयन, आंगनबाड़ी केंद्र, पुस्तकालय, सड़क संपर्क, मार्केटिंग यार्ड/हाट, बॉर्डर चेक पोस्ट, एसएसबी वेटिंग लाउंज, कृषि आधारभूत संरचना तथा युवा शौर्य एवं अनुशासन प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ धरातल पर उतारने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वाइब्रेट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत 12 सामुदायिक भवन, 10 गोदाम, 11 आंगनबाड़ी केंद्र, 8 पुस्तकालय, 8 सड़क संपर्क, 10 मार्केटिंग यार्ड/हाट एवं 5 बॉर्डर चेक पोस्ट सहित विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित हैं।
जिलाधिकारी ने एलएइओ को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। कार्य की प्रगति के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच करने तथा योजनाओं का समय-समय पर स्थल निरीक्षण करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि, स्थल विवाद, तकनीकी अथवा अन्य प्रशासनिक बाधाओं के कारण यदि कार्य प्रभावित हो रहा है तो संबंधित अधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान करें, ताकि योजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर
जिलाधिकारी द्वारा लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा, स्थल निरीक्षण एवं प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होगा जब स्वीकृत योजनाओं का लाभ निर्धारित समय में आम लोगों तक पहुंचे।बैठक में ज़िला योजना पदाधिकारी के साथ साथ कार्यपालक अभियंता एलएइओ एवं सभी अभियंता उपस्थित रहे ।