संवाददाता/किशनगंज
जिले में कृषि एवं ग्रामीण विकास को गति देने, किसानों एवं ग्रामीण उद्यमियों तक संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नाबार्ड द्वारा बैंकर्स जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार, एलडीएम अखिलेश कुमार, डीडीएम पुष्कर चौधरी,जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोज कुमार सहित जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया ।
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत ऋण प्रवाह बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बैंकों को पात्र किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन एवं मत्स्यपालन के लिए भी के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने तथा पात्र ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। अधिक से अधिक पात्र किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने तथा उनकी वास्तविक ऋण आवश्यकताओं के अनुरूप वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।
कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए जिले की स्थानीय कृषि संभावनाओं के अनुरूप क्लस्टर आधारित विकास एवं वित्तपोषण को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। विशेष रूप से अनानास, ड्रैगन फ्रूट, मत्स्यपालन एवं चाय जैसे संभावनाशील क्षेत्रों में ऋण उपलब्धता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई। बैंकों से इन क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं का आकलन कर परियोजना आधारित वित्तपोषण को बढ़ावा देने तथा किसानों एवं कृषि उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
बैठक में वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तथा प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। बैंकों को कृषि एवं कृषि-संबद्ध गतिविधियों सहित जिले के अन्य संभावनाशील क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी प्रयास करने की सलाह दी गई।
इसके अतिरिक्त, संयुक्त देयता समूह के गठन एवं ऋण प्रवाह को बढ़ाने पर जोर दिया गया। छोटे एवं सीमांत किसानों तथा अन्य पात्र ग्रामीण लाभार्थियों को समूह आधारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए अधिक से अधिक को बैंकों से जोड़ने तथा उनके माध्यम से संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक के दौरान नाबार्ड द्वारा जिले में संचालित एवं प्रोत्साहित की जा रही विभिन्न योजनाओं तथा विकासात्मक पहलों की जानकारी भी दी गई। कृषि अवसंरचना, किसान उत्पादक संगठन, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, क्लस्टर विकास तथा ग्रामीण उद्यमिता से संबंधित पहलों में बैंकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया। बैंकों से इन योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध वित्तपोषण की संभावनाओं का लाभ उठाते हुए पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने तथा परियोजना क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने का आग्रह किया गया।
बैठक में विजिलेंस (सतर्कता) के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। बैंक प्रतिनिधियों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण सहित बैंकिंग कार्यों में निर्धारित नियमों, प्रक्रियाओं एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने की सलाह दी गई। संभावित जोखिमों एवं अनियमितताओं के प्रति सजग रहने, अभिलेखों एवं दस्तावेजों की समुचित जांच करने तथा बैंकिंग कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैंकों को प्रत्येक स्तर पर उचित सावधानी एवं सतर्कता बरतते हुए विवेकपूर्ण तरीके से कार्य करने की सलाह दी गई।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों ने जिले में कृषि तथा कृषि-संबद्ध क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के संबंध में अपने सुझाव साझा किए। जिले की कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उपलब्ध संभावनाओं का समुचित उपयोग करने के लिए बैंकों, संबंधित विभागों एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
बैठक के समापन पर डीडीएम श्री पुष्कर चौधरी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा बैंकों से जिले में कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, बागवानी, चाय, क्लस्टर आधारित गतिविधियों एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक संस्थागत ऋण की पहुंच सुनिश्चित करने तथा जिले के समग्र कृषि एवं ग्रामीण विकास में सक्रिय योगदान देने पर जोर दिया।