गैर संचारी रोगों को लेकर 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की होगी स्क्रीनिंग
डीएम करेंगे अभियान की मॉनिटरिंग
घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
मधुमेह,ब्लड प्रेशर से लेकर
कैंसर तक की होगी जांच
कटिहार–समय रहते गैर संचारी रोगों की पहचान कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने को लेकर जिले में “जाँच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार”अभियान का शुभारंभ हो गया है।पूरे राज्य के लिए चलाये जाने वाले इस अभियान का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया। एनआईसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी, विधायक सह पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर, विधायक निशा सिंह एवं कविता पासवान,सिविल सर्जन डा. जितेन्द्र नाथ सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग अन्य अधिकारी शामिल रहे।
इस अवसर पर कटिहार समाहरणालय में जाँच शिविर भी लगाया गया। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक संचालित होगा।जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। संदिग्ध एवं रोग से ग्रसित मरीजों को आवश्यक परामर्श एवं उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान से जोड़ा जाएगा।प्रत्येक संस्थान के लिए प्रतिदिन 50 लोगों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान का मॉनिटरिंग स्वयं जिला पदाधिकारी करेंगे।अभियान के तहत उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुंह, स्तन एवं गर्भाशय के मुख के कैंसर, हृदय रोग, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसे गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग होगी।जिला पदाधिकारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर संचारी रोगों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना और बीमारी की पहचान होने पर उपचार शुरू करना है।
ताकि जोखिम कारकों को कम करने में मदद मिले।अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता और एएनएम अपने क्षेत्र के सभी घरों का भ्रमण कर प्रत्येक परिवार का फैमिली फोल्डर तैयार करेंगे। कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट के माध्यम से विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी। स्क्रीनिंग से संबंधित जानकारी एनसीडी एप्लीकेशन पर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि गृह भ्रमण के दौरान चिन्हित या संदिग्ध मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर या नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ता सहयोग करेंगी।
जहाॅ 30 या उससे अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति की लंबाई और वजन मापकर बीएमआई निकाला जाएगा। उसके बाद उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, हृदय रो आदि रोगों की स्क्रीनिंग किया जाएगा। गंभीर अथवा जटिल स्थिति वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर भी किया जाएगा तथा जरूरत महसूस होने पर टेली -कंसल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मरीजों को आवश्यकतानुसार रोग को लेकर दवा भी उपलब्ध कराया जाएगा।अभियान की प्रखंड एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा होगी।