कैंप लगाकर जनजातीय समूह के लोगों को सरकारी योजनाओं की दी जाएगी जानकारी : डीएमकिशनगंज।
किशनगंज/प्रतिनिधि
शहर के खगड़ा स्थित सम्राट अशोक भवन में धरती आवा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान व भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वी जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी विशाल राज एवं डीडीसी स्पर्श गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा सर्वप्रथम भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिसके बाद कार्यक्रम का द्वीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के बाद जिला पदाधिकारी विशाल राज ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि आज धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत हो रही है । उन्होंने कहा कि ऐसे गांव जहां पर जनजातीय समूह की आबादी अधिक है उन जगहों की चिन्हित किया गया है। उन सभी गांवों में सरकार की जो भी योजनाएं है ।

उससे अवगत कराने के साथ साथ योजनाओं का लाभ जनजातीय वर्ग के लोगों को भी मिले इसी उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से इस अभियान के तहत सभी चिन्हित गांवों में हमलोग कैंप लगा कर सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाएंगे। वहीं उन्होंने बताया कि सभी चिन्हित जगहों पर हमलोगों के द्वारा 26 नवंबर तक कैंप लगाकर इस अभियान के माध्यम से जनजातीय समूह के लोगों तक लाभ पहुंचाने का कार्य करेंगे। किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड अंतर्गत 5 स्थानों को चिन्हित किया गया है। उन सभी गांवों में हम सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ साथ लाभ भी पहुंचाएंगे।
भगवान बिरसा मुंडा का समाज सुधारक के रूप में योगदान
भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने तत्कालीन जनजातीय समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे अंध-विश्वास, जाति-भेद, नशाखोरी, जातीय संघर्ष और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने अपने अनुयायियों को शिक्षा का महत्व समझाया और उन्हें एकता में रहने का संदेश दिया। बिरसा मुंडा ने “बिरसाइत” नामक एक धार्मिक आंदोलन भी चलाया, जिसमें उन्होंने अपने अनुयायियों को आचार-विचार की शुचिता, सादगी और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना
वर्ष 2021 में केन्द्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। इसका उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा और अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान करना है। इस दिन देशभर में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर, उनकी परंपराओं और उनके गौरवशाली इतिहास को समझने और सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
वहीं कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी विशाल राज, अनुमंडल पदाधिकारी लतीफुर रहमान अंसारी, डीडीसी स्पर्श गुप्ता, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।