संवाददाता/किशनगंज
एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष विधायक अख्तरुल ईमान ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर को लेकर बड़ा बयान दिया है । श्री ईमान ने अजान को लेकर अपने वो बयान में कहा कि मस्जिदों से बहुत तेज आवाज में अज़ान देना वर्तमान सामाजिक और मजहबी परिस्थितियों के हिसाब से उचित नहीं है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है ।
श्री अख्तरुल ईमान ने कहा कि अज़ान का असली मकसद नमाज के वक्त का ऐलान करना और लोगों को मस्जिद तक बुलाना है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि 500 मीटर के दायरे में रहने वाले लोग मस्जिद आते हैं, लेकिन अज़ान की आवाज 3 किलोमीटर दूर तक जाती है। विधायक ने कहा कि इस तरह ऊंची आवाज में अज़ान देना ‘मुनासिब अमल’ नहीं है और इसे लेकर उन्होंने मुसलमानों को आत्ममंथन करने की हिदायत भी दी है।
अख्तरुल ईमान ने केवल अज़ान ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज की खान-पान और मजहबी कार्यक्रमों की परंपराओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि समुदाय में खाने-पीने और सोने का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है।
रात के 12 बजे बारात का खाना और देर रात 2 बजे तक मजलिस या जलसे आयोजित करना स्वास्थ्य और अनुशासन के लिहाज से गलत है। उन्होंने आधी रात को होने वाले सार्वजनिक मजहबी कार्यक्रमों पर रोक लगाने की वकालत करते हुए इसे सिस्टम के खिलाफ बताया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।





























