किशनगंज/विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड में अवैध रूप से सरकारी राशन का लाभ उठा रहे संपन्न एवं अपात्र लोगों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। अनुमंडल स्तर से कार्रवाई करते हुए टेढ़ागाछ क्षेत्र के कुल 510 राशन कार्डधारकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के रसूखदारों और संपन्न वर्ग में हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि नोटिस पाने वालों की सूची में कई ऐसे लाभुक शामिल हैं, जिनके पास ढाई एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि है, घर में चार पहिया वाहन मौजूद हैं और वे आयकर दाता भी हैं। इसके बावजूद ये लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों के लिए निर्धारित राशन का लाभ उठा रहे थे। नोटिस जारी होने के बाद अब कई अपात्र लाभुक स्वेच्छा से अपना नाम राशन कार्ड से कटवाने के लिए प्रखंड एवं अनुमंडल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अनिकेत कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार की ओर से प्राप्त सूची के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, वे यदि वास्तव में पात्र हैं तो साक्ष्य के साथ अपना पक्ष रख सकते हैं। जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने यह भी बताया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लाभुकों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के तहत आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे और अब तक लिए गए राशन की बाजार मूल्य के आधार पर रिकवरी की जाएगी।




























