आबादी से दूर हो बाईपास रोड का निर्माण : डॉ जायसवाल
पटना/प्रतिनिधि
उद्योग सह पथ निर्माण मंत्री डा0 दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा रविवार कोविभागीय सभाकक्ष में 2025-26 के वार्षिक कार्य योजना (Annual Action Plan) के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की DPR (Detailed Project Report) की प्रगति पर समीक्षा की गई। उक्त समीक्षा बैठक में पंकज कुमार पाल, सचिव, पथ निर्माण विभाग के साथ विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं अभियंतागण उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री डॉ जायसवाल को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अनीसाबाद-एम्स एलिवेटेड कॉरिडोर, विक्रमशिला सेतु, औरंगाबाद फोरलेन बाईपास, सिंहेश्वर बाईपास, अरवल से बिहार शरीफ सड़क परियोजना एवं कई रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण सहित कुल 52 परियोजनाएं (कुल लागतः 33,464 करोड़ रुपये) के DPR की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया।
वही NH विंग द्वारा 36 परियोजना, BRPNNL द्वारा 14 परियोजना एवं BSRDCL द्वारा 02 परियोजनाओं का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।वार्षिक कार्य योजना के तहत बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, चौड़ीकरण, बाईपास, पुलों एवं रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण किया जाना है। ये परियोजनाएं राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी, यातायात सुगमता, आर्थिक विकास तथा ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के बीच मजबूत संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में मंत्री डॉ जायसवाल को अवगत कराया गया कि अरवल बाईपास (4-लेन), दाउदनगर बाईपास (4-लेन), मगरदेई घाट हाई लेवल ब्रिज, NH-322, ढाका मोड़ (36.6 किमी) से बलझोर (63 किमी), न्यू गंडक ब्रिज एवं समस्तीपुर से दरभंगा, NH-322 प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हो चुके हैं, जिसकी कुल राशि 4645 करोड़ रुपये है। साथ ही, 15 फरवरी तक 6 अन्य परियोजनाओं का DPR सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।
समीक्षा के दौरान मंत्री डॉ जायसवाल ने परियोजनाओं के DPR तैयार करने में आ रही बाधाओं को सभी संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जल्द दूर करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजनाओं के अवरोधों के समाधान हेतु पीएमओ, मंत्रालय एवं केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। अलाइनमेंट अप्रूवल, डीपीआर सबमिशन, स्क्रूटनी और मंत्रालय/आरओ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजने में देरी न हो। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो इसका ध्यान रखा जाय।
डॉ जायसवाल ने आगे कहा कि 25 वर्ष आगे के समय को ध्यान में रखकर बाईपास का निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बाईपास शहर से दूर हो और आबादी एवं यातायात को प्राथमिकता देते हुए इसका निर्माण कराना सुनिश्चित करें।
मंत्री डॉ जायसवाल ने कहा कि सभी अप्रूव्ड अलाइनमेंट वाली परियोजनाओं के डीपीआर को तत्काल अंतिम रूप दिया जाय और निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित कार्यालयों/मंत्रालय को सबमिट किया जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजी गई अलाइनमेंट पर त्वरित फॉलो-अप किया जाए और पेंडिंग कम्प्लायंस ऑब्जर्वेशंस को समयसीमा निर्धारित पूरा किया जाए।
उन्होंने राम जानकी मार्ग (मशरख-चकिया-भीठामोड़) के DPR को लेकर भी निदेश दिया। इसके लिए अलग से टीम लगाई जाय ताकि परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जा सके। सभी स्तरों पर समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टाइमलाइन तय कर कार्य को पूर्ण करें।
मंत्री डॉ जायसवाल ने BRPNNL की परियोजनाओं के अवरोधों को दूर करने के लिए रेलवे से समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों और कंसल्टेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल हो सके।




























