इरफान/पोठिया
प्रखंड अंतर्गत कस्बाकलियागंज पंचायत के तैयबपुर स्थित वार्ड संख्या-03 में प्रत्येक मंगलवार को लगने वाले ऐतिहासिक मंगली हाट की बदहाली दूर करने और इसे विकसित ग्रामीण हाट के रूप में निर्माण कराने की मांग स्थानीय लोगों ने उठाई है। करीब 1950 से लग रहे इस साप्ताहिक बाजार में आज तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। बाजार परिसर की स्थिति इतनी खराब है कि पूरा क्षेत्र कीचड़ और गंदगी से पटा रहता है। महीनों से कचरा जमा रहने के कारण दुकानदारों के साथ-साथ खरीदारी करने आने वाले ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय समाजसेवी मो. शाहिद ने बताया कि इस बाजार में प्रत्येक मंगलवार को 50 से अधिक दुकानें लगती हैं। यहां सब्जी, कपड़ा, मसाला, किराना सहित रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री होती है। इसके बावजूद बाजार में न तो समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही दुकानदारों के लिए कोई स्थायी सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत यहां शेडयुक्त दुकानों और आवश्यक सुविधाओं के साथ ग्रामीण हाट का निर्माण कराया जाता है, तो दुकानदारों एवं खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही बाजार व्यवस्थित होने से सरकार को राजस्व की प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान जर्जर स्थिति का असर बाजार से होने वाले राजस्व पर भी पड़ रहा है।
इस ग्रामीण हाट के विकसित होने से कस्बाकलियागंज सहित फाला, मिर्जापुर, डूबानोची, बुढ़नई, सारोगारा एवं पतेश्वरी पंचायतों के लगभग 50 हजार की आबादी वाले ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीणों को एक बेहतर बाजार सुविधा उपलब्ध होगी।
गौरतलब है कि इससे पूर्व स्थानीय नेता शाहिद रेजा ने बिहार सरकार के सहयोग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर तैयबपुर मंगली हाट के निर्माण की मांग की थी। इस पर पोठिया के विकसित भारत कार्यक्रम पदाधिकारी रजनीकांत सिंह ने अंचल अधिकारी मोहित राज को पत्रांक संख्या 924 के माध्यम से पत्र भेजकर ग्रामीण हाट निर्माण के लिए नजरी नक्शा एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, स्थानीय नेता शाहिद रेजा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में शीघ्र पहल करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने और तैयबपुर मंगली हाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ग्रामीण हाट के रूप में विकसित कराने की मांग की है।