दिघलबैंक (किशनगंज) मुरलीधर झा
सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं एवं युवतियों को कौशल विकास से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल की 12वीं वाहिनी, किशनगंज की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है। नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत सोमवार को वाइब्रेंट विलेज पांचगाछी एवं मालटोली की युवतियों के लिए 21 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों की महिलाओं एवं युवतियों को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। ब्यूटी पार्लर से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षु युवतियां अपने स्तर पर रोजगार शुरू करने के साथ-साथ भविष्य में दूसरों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
प्रशिक्षण का विधिवत उद्घाटन द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार ने किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं एवं युवतियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास आज के समय में आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी व्यक्ति के पास हुनर हो तो वह अपने लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी जरूरतों के अनुरूप सहयोग प्रदान करना है। ऐसे कार्यक्रमों का स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
50 युवतियां ले रही हैं प्रशिक्षण
इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कुल 50 युवतियां भाग ले रही हैं। प्रशिक्षुओं को ब्यूटी पार्लर से संबंधित आवश्यक व्यावसायिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इस क्षेत्र में रोजगार अथवा स्वरोजगार की शुरुआत कर सकें।
कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार ने सभी प्रशिक्षु युवतियों से आग्रह किया कि वे पूरे 21 दिनों तक प्रशिक्षण में नियमित रूप से शामिल हों और पूरी ईमानदारी एवं लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रशिक्षु युवतियां सीखी गई तकनीकों और कौशल का उपयोग अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए करें।
सीमावर्ती क्षेत्र में कौशल विकास पर जोर
एसएसबी अधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए केवल सुरक्षा व्यवस्था ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण भी जरूरी है। इसी सोच के तहत नागरिक कल्याण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं युवतियों को हुनरमंद बनाना परिवार और समाज को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। कौशल प्राप्त कर महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों में भी उत्साह देखने को मिला। युवतियों ने प्रशिक्षण को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने की बात कही।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट पवन कुमार के अलावा एसएसबी के अधीनस्थ अधिकारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने भी युवतियों का उत्साहवर्धन किया और प्रशिक्षण का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
स्थानीय स्तर पर एसएसबी की इस पहल को महिलाओं एवं युवतियों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र की 50 युवतियों को ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण मिलने से उन्हें भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।