कंठीतप की अनुमोदना में महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में हुआ धार्मिक कार्यक्रम
दक्षिण मुंबई: महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन एवं तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई के निर्देशन में तपस्वी बहिन श्रीमती मनोहर देवी डागलिया के कंठीतप की अनुमोदना में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम शासन श्री साध्वी कंचनप्रभा जी, शासन श्री साध्वी मंजूरेखा जी सहित साध्वी वृंद के सान्निध्य में संपन्न हुआ।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए शासन श्री साध्वी कंचनप्रभा जी ने कहा कि भगवान महावीर की वाणी है कि प्रज्ञा संपन्न और मेधावी व्यक्ति ही तपस्या कर सकता है। तपस्या जीवन का वरदान है। तपस्वी साधना के माध्यम से इंद्रियों और मन पर विजय प्राप्त करते हुए परमानंद की अनुभूति करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चातुर्मास का समय चल रहा है, जिसमें सहज रूप से तपस्या के प्रति अनुराग और आध्यात्मिक भाव जागृत होता है।
शासन श्री साध्वी मंजूरेखा जी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और उपभोक्तावादी संस्कृति के बीच असंयम प्रधान जीवनशैली ने मनुष्य के सामने भटकाव की स्थिति पैदा कर दी है। व्यक्ति कई बार स्वयं के अस्तित्व से ही अनभिज्ञ नजर आता है। ऐसे वातावरण में श्रीमती मनोहर देवी डागलिया ने कंठीतप कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि उनकी तपस्या से डागलिया एवं धाकड़ परिवार का गौरव बढ़ा है।
तेरापंथ युवक परिषद दक्षिण मुंबई के निवर्तमान अध्यक्ष गिरिश सिसोदिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। तपस्वी श्रीमती मनोहर देवी डागलिया के अभिनंदन में दक्षिण मुंबई सभा के अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया, महिला मंडल अध्यक्षा लतिका डागलिया, पुत्र चिराग, पुत्री डिंपल, रेणुका, भाभी प्रिशा सहित परिजनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
ट्रस्ट के अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़ ने भी विचार व्यक्त करते हुए तपस्या की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कार्याध्यक्ष गणपतलाल डागलिया, ट्रस्ट के मंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया, मीडिया प्रभारी नीतेश धाकड़ सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ ने कार्यक्रम का सुंदर संयोजन किया।
कार्यक्रम की जानकारी तेरापंथ युवक परिषद दक्षिण मुंबई के उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।