पंचायतों में घटिया आरसीसी कुर्सी,आरओ प्लांट व जिम के नाम पर राशि खर्च की जांच की मांग
बरारी / कटिहार – प्रखंड सभागार में स्थानीय विकास कार्यो जनसमस्याओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष मनोज सिंह कुशवाहा ने की।बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बरारी विधायक विजय सिंह शामिल रहे ।
मौके पर बीडीओ धीरेन्द्र कुमार धीरज, सीओ मनीष कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी श्यामदेव कुमार, सीडीपीओ विभा कुमारी, बीपीआरओ राजकुमार सिंह सहित विभागीय पदाधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद थे।बैठक के दौरान क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ जनसमस्याओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए गए।सदस्यों ने विशेष रूप से बाढ़ और कटाव की समस्या को लेकर बांधों की सुरक्षा का मामला उठाया।
सदस्यों ने कहा कि गंगा सहित अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि के दौरान कई स्थानों पर बांध और तटबंध पर दबाव बढ़ जाता है।ऐसे में समय रहते संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है।बैठक में पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए।सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रखंड की कई पंचायतों में मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज एजेंसी द्वारा लगाए गए आरसीसी कुर्सियों में घटिया और कमजोर सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है।
इसके अलावा पानी पीने के लिए लगाए गए आरओ तथा जिम के नाम पर भी लाखों रुपये की राशि खर्च किए जाने और कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए।सदस्यों ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषी एजेंसी और संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की।इस पर विधायक विजय सिंह ने कहा कि मामले को उनके संज्ञान में लिया गया है।पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाए।सदस्यों ने सीडीपीओ और सेविकाओं पर कथित रूप से अनियमितता किए जाने की शिकायत की तथा इसकी जांच कराने की मांग की। बैठक में सदस्यों ने कहा कि सरकारी योजनाओं में खर्च होने वाली राशि जनता के हित में है।इसलिए विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरतने और अनियमितता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।