आदिवासी टोला रंसियाडांगी के ग्रामीणों ने एसपी को सौंपा आवेदन, नामजद आरोपितों पर कार्रवाई की मांग
पोठिया/इरफान
पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के आदिवासी टोला रंसियाडांगी वार्ड नंबर-2 में बिहार सरकार के नाम दर्ज जमीन पर कथित रूप से जबरन कब्जा करने और ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी देने को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार और थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, मौजा रंसियाडांगी, थाना नंबर-168, खाता नंबर-32 तथा खेसरा नंबर 195, 196, 197, 224, 225 आदि की कुल 202 एकड़ 93 डिसमिल जमीन गैरमजरुआ बिहार सरकार के नाम खतियान में दर्ज है। ग्रामीणों का दावा है कि उक्त जमीन में से करीब 30 बीघा भूमि पर वे पिछले 50 वर्षों से जोत-आबाद करते आ रहे हैं। वहीं करीब तीन से चार बीघा जमीन डोक नदी में समा चुकी है।
लाठी-डंडे व सरिया लेकर पहुंचने का आरोप
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 27 अगस्त 2026 को दिन करीब 11 बजे कुछ लोग उक्त जमीन पर कब्जा करने की नीयत से लाठी-डंडा, सरिया और हसुवा लेकर पहुंचे और जबरन खेत जोतने लगे। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
ग्रामीणों ने आवेदन में बारीक (45), भोला (51), आला (52), सैदुल हक (40) और रसीद (50) समेत करीब 40-50 अज्ञात लोगों को घटना में शामिल बताया है। आरोपितों के अलग-अलग गांव और थाना क्षेत्र के पते भी आवेदन में दर्ज किए गए हैं।
विरोध करने पर हत्या की धमकी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर कुछ नामजद लोगों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि ग्रामीणों को धमकाया गया कि यदि वे दोबारा जमीन पर आए तो उन्हें वहीं मारकर दफना दिया जाएगा और नदी में फेंक दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने आवेदन में वर्ष 2012-13 में इसी जमीन से जुड़े विवाद के दौरान खाण्डो हसदा की कथित हत्या कर शव डोक नदी में फेंके जाने का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि पुरानी घटना का हवाला देकर उन्हें भी उसी तरह की घटना दोहराने की धमकी दी जा रही है।
एसपी से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। आदिवासी टोला रंसियाडांगी के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नामजद एवं अज्ञात आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।वही आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले के तहकीकात में जुट गई है