किशनगंज/मो अजमल
जिले में शिक्षा विभाग के अंतर्गत टोला सेवक तथा तालिमी मरकज के चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दिघलबैंक प्रखंड के पलसा की रहने वाली मुकरीमा खातून ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) किशनगंज को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि अंतिम मेधा सूची में नाम होने के बावजूद बिना किसी वैध कारण के उनका चयन नहीं किया गया।
मुकरीमा खातून ने अपने आवेदन में बताया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय पल्सा के वार्ड सदस्य एवं प्रधानाध्यापक द्वारा उनके पक्ष में आपत्ति निराकरण प्रमाण पत्र भी दिया गया था, फिर भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) ने उन्हें चयन सूची से बाहर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मी दिवाकर मिश्रा की मिलीभगत से दूसरे अभ्यर्थी को चयनित किया गया, जबकि उनके दस्तावेजों में कथित रूप से छेड़छाड़ कर उन्हें अन्य टोला का निवासी दिखाया गया।
मामले को लेकर मुकरीमा खातून ने निष्पक्ष जांच और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से इस अनियमितता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की अपील की है।वही पूरे मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है ।
































