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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद किशनगंज में जमाबंदी के बिना नहीं हो रहा जमीन का निबंधन,कातिब व स्टांप वेंडर दिखे मायूस 

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रिपोर्ट : राजेश दुबे

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चार दिन बीत जाने के बावजूद किशनगंज निबंधन कार्यालय में जमीन का निबंधन नही हो रहा है ।मालूम हो की जमीन की खरीद बिक्री यानी निबंधन के लिए बिक्री करने वाले व्यक्ति के नाम जमाबंदी एवं होल्डिंग होने का नियम 10 अक्टूबर 2019 में बिहार सरकार ने बिहार निबंधन नियमावली के नियम – 19 में संशोधन कर नया नियम जोड़ गया था ।इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई जहा कोर्ट ने राज्य सरकार के निर्णय को सही ठहराया था साथही सितंबर महीने में अगली तारीख तय की गई थी।वही 21 फरवरी 2024 को बिहार सरकार ने जमाबंदी की अनिवार्यता को लागू कर दिया था। 

लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट समीउल्लाह के द्वारा याचिका दायर की गई। जहा सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने हाई कोर्ट के निर्णय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वैसे लोग जो जमाबंदी या होल्डिंग नही होने के कारण बाप दादा की जमीन नही बेच पा रहे थे उनमें एक उम्मीद जगी थी की अब जमीन का निबंधन करवा पाएंगे ।आदेश के बाद कातिब एवम स्टांप वेंडर काफी प्रसन्न थे की चलो अब उनके अच्छे दिन लौट आएंगे ।

लेकिन गुरुवार को किशनगंज निबंधन कार्यालय में जब इसकी जानकारी ली गई तो पता चला की बिहार सरकार के आदेश के अनुरूप ही जमीन का निबंधन हो रहा है ।जमीन निबंधन करवाने रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे कई लोगो ने बताया की हाई कोर्ट के आदेश को मानते हुए तुरंत नियम को लागू कर दिया गया था ।लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को रद्द किया है तो बताया जा रहा है की अभी नोटिफिकेशन (पत्र ) प्राप्त नही हुआ है ।

एक अधिवक्ता ने कहा की सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट बड़ा या बिहार सरकार या फिर हाई कोर्ट का आदेश ? खास बात यह है कि बिहार सरकार द्वारा यह कानून इसलिए लाया गया था क्योंकि बिहार के अदालत में जितने मुकदमे लंबित है उसमें लगभग 80% मुकदमे जमीन से जुड़े मामलों से जुड़ा हुआ है सरकार चाहती है कि लोग मुकदमे मे कम से कम कम पैसा और समय बर्बाद करें साथ ही सरकार भूमाफियाओं पर भी लगाम लगाना चाहती थी ।

राज्य सरकार के आदेश के बाद निबंधन 50% से अधिक घट गया था जिससे राजस्व का भी नुकसान सरकार को हो रहा था। गुरुवार को ऐसे कई लोग निबंधन कार्यालय में मिले जो इस उम्मीद से पहुंचे थे की वो जमीन की खरीद बिक्री कर सकते है। लेकिन पूर्व नियमानुसार रजिस्ट्री नही होने से निबंधन कार्यालय में सन्नाटा देखा गया ।

हालाकि जमाबंदी जिनकें पास थी उनके जमीन का निबंधन हो रहा था ।कार्यालय में मौजूद बड़ा बाबू से जब आदेश संबंधित जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया की राज्य सरकार से अभी कोई पत्र प्राप्त नही हुआ है ।पूरे मामले पर रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नही हो पाया ।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद किशनगंज में जमाबंदी के बिना नहीं हो रहा जमीन का निबंधन,कातिब व स्टांप वेंडर दिखे मायूस 

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