किशनगंज /प्रतिनिधि
शहर के पुरबपाली स्थित तेरापंथ भवन में एक महीने तक निराहार रहकर तपस्या करने वाली तपस्विनी सुमन सुराणा का आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी संगीत श्री व सहयोगी साध्वियों के सानिध्य में तपोभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया।शहर के धर्मनिष्ठ सुराणा परिवार के स्वर्गीय बालचंद सुराणा व विमला सुराणा की पुत्रवधू व अजय सुराणा की धर्मपत्नी सुमन सुराणा इससे पूर्व भी दो-दो बार एक माह तक निराहार रहकर तपस्या कर चुकी है।

तेरापंथ समाज किशनगंज में सुमन सुराणा को इसी तरह निराहार रहकर कई कई दिनों की तपस्या करने के लिए भी जाना जाता है।तेरापंथ भवन में तपस्विनी सुमन सुराणा के तपोभिनंदन के कार्यक्रम की शुरुआत साध्वियों द्वारा मंगलाचरण से की गई।इसके बाद तेरापंथ सभाध्यक्ष विमल दफ्तरी,महासभा संरक्षक डॉ राजकरण दफ्तरी,महिलामण्डल अध्यक्ष सन्तोष देवी दुग्गड, दिगम्बर समाज के अध्यक्ष तिलोकचंद जैन,चैनरुप दुगड़,संजय बैद,दिलीप सेठिया, कमल कोठारी,दिनेश पारीक द्वारा तपस्विनी के तप की अनुमोदना की गई।
इसी दौरान सुमन सुराणा की पुत्री करिश्मा सुराणा ने भावुक वक्तव्य से अपनी भावनाओं की प्रस्तुति दी।सभा मंत्री अजय सिंह बैद ने साध्वी प्रमुखा श्री विश्रुत विभाजी द्वारा राजस्थान के छापर से भेजे गए अनुमोदना सन्देश का वाचन किया।वहीं महिलामण्डल और सुराणा परिवार व रश्मि सुराणा ने मंगलगीत के माध्यम से और पूर्व महिलामण्डल अध्यक्ष व वरिष्ठ सदस्या ताराबाई पुगलिया ने अपनी मधुर आवाज में गीतिका के माध्यम से तपस्विनी सुमन सुराणा के तप की अनुमोदना का क्रम जारी रखा।

तपोभिनंदन के कार्यक्रम में साध्वी संगीत श्री जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भारतीय दर्शन तीन धाराओं में विकसित है।वैदिक दर्शन में हठयोग, बौद्ध दर्शन में अष्टांग योग व जैन दर्शन में तपोयोग का महत्व है।तपस्या आत्मशुद्धि का महान साधन है।तपस्या के लिए संकल्प बल मजबूत चाहिए।तपस्विनी सुमन सुराणा का संकल्प बल बेजोड़ है।कहते हैं कि स्नान करने से तन की,दान देने से धन की,ध्यान करने से मन की शुद्धि होती है परन्तु तपस्या करने से जीवन की शुद्धि होती है।उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने तप की महत्ता को उजागर किया है।
श्लोक “तपसा धुवई पावंग” के माध्यम से उन्होंने बताया कि तपस्या करने के लिए दो बातो का होना जरूरी है।एक गुरुशक्ति व दूसरी आत्मशक्ति।तपस्विनी सुमन ने गुरुशक्ति को भी पाया है और आत्मशक्ति को भी जागृत किया है।साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभा जी का संदेश इनके लिए छत्र बना है।हम तपस्विनी के तप की मंगलकामना, शुभकामना करते हैं।आप तप में उत्तरोत्तर आगे बढ़ते रहे,कुल व संघ का नाम रोशन करते रहें।
इसी क्रम में साध्वी शांति प्रभा,कमल विभा व मुदिता श्री ने भी तपस्विनी के तप की अनुमोदना की।इसके बाद तेरापंथ सभा,महिलामण्डल,युवक परिषद,अणुव्रत समिति,ज्ञानशाला द्वारा तपस्विनी सुमन सुराणा को साहित्य व अभिनंदन पत्र समर्पित कर तपोभिनंदन किया गया।
मंच संचालन कमल छोरिया ने किया।तपोभिनंदन कार्यक्रम से पूर्व शहर के धर्मशाला रोड से तेरापंथ समाज के पुरूष महिलाओ का एक काफिला तपस्विनी सुमन सुराणा को एक भव्य जुलूस के रूप में तेरापंथ भवन तक लेकर चला।

























