सिलीगुड़ी नार्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक होटल में छिपा था आरोपी
पूर्व से रहा है आपराधिक इतिहास, पूछताछ के बाद पुलिस ने भेजा जेल
सागर चंद्रा/ किशनगंज
महिला के साथ दुष्कर्म मामले के फरार नामजद आरोपी अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया (45) पिता हसन अब्बास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। जिससे पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन इसी क्रम में पुलिस को आरोपी लल्लू के सिलीगुड़ी में छिपे होने की जानकारी मिली। एसपी संतोष कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ 2 मनोज कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया।
टीम ने बंगाल पुलिस के सहयोग से सिलीगुड़ी माटी गाड़ा स्थित नार्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक होटल के कमरे में छिप कर बैठे अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे किशनगंज ले आई। जहां आरोपी से पूछताछ के आधार पर साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बताते चलें कि गत 29 जुलाई को पीड़ित महिला ने पौआखाली थाने में आवेदन देकर लल्लू के विरुद्ध दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का कहना था कि 28 जुलाई की रात पौआखाली नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू द्वारा पंचायती के बहाने पीड़िता और उसके पति व बेटी को मुरमाला ग्राम निवासी उसके संबंधी के यहां बुलाया था। जहां से उसे बहला-फुसलाकर किशनगंज स्थित एक होटल में ले गया।
जहां लल्लू ने नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोशी की हालत में जबरन दुष्कर्म किया था। पीड़िता के लिखित शिकायत पर पौआखाली थाने में कांड संख्या 120/26 दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस लल्लू की तलाश में जुट गई थी। पुलिस ने उसके विरुद्ध पुख्ता साक्ष्य इकट्ठा कर लिया था।
ज्ञातव्य है कि पौआखाली नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2009 से अबतक उसके विरुद्ध पौआखाली थाने में 8 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि सुखानी थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। लेकिन धनबल के साथ साथ अपने ऊंचे रसूख के कारण वह अबतक बचता रहा था।