जिले समेत सीमांचल क्षेत्रों का होगा विकास
वर्षों से लंबित समस्याएं हल होने की पूरी उम्मीद
अररिया /बिपुल विश्वास
बिहार मंत्रिमंडल में सिकटी विधायक विजय मंडल ने बुधवार को मंत्री पद की शपथ ली। इससे न सिर्फ सिकटी बल्कि जिले वासियों की उत्साह चरम पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में भाजपा विधायक विजय कुमार मंडल को जगह मिलने के बाद समर्थकों में जश्न का माहौल है। विजय मंडल के मंत्री बनने के बाद से न सिर्फ जिले समेत सीमांचल क्षेत्रों का विकास होगा। यहां की बड़ी बड़ी समस्याएं जो वर्षों से लंबित है उसका समाधान होने की पूरी उम्मीद है। विजय मंडल वर्तमान में सिकटी से विधायक हैं। वह पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। विजय मंडल को मंत्री बनाने से भाजपा समेत एनडीए गठबंधन सीमांचल इलाके मजबूत होगी। ओबीसी वोटरों को भी साधने की कोशिश होगी।
पहले भी रह चुके मंत्री :
विजय कुमार मंडल पहले भी बिहार सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे। विजय कुमार मंडल अररिया के सिकटी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। पहली बार उन्होंने 1995 में बिहार विधानसभा चुनाव जीता था जब यह अररिया विधानसभा हुआ करता था। तब उन्होंने आनंद मोहन की बिहार पिपुल्स पार्टी से चुनाव लड़ा था और आनंद मोहन की पार्टी से बिहार में जीत दर्ज करने वाले इकलौते विधायक बने थे।
राजद ने उन्हें बुलाया, बाद में टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय जीते, मंत्री भी बने
आनंद मोहन की पार्टी से जीत दर्ज करने वाले विजय कुमार मंडल को लालू यादव ने राजद में शामिल कर लिया था। लेकिन अगली बार उन्होंने जब टिकट नहीं मिला तो वो निर्दलीय मैदान में कूदे और वर्ष 2000 के चुनाव में वो निर्दलीय जीते थे। जिसके बाद राजद फिर एकबार उन्हें अपने साथ लेकर गयी और बिहार सरकार में राज्य मंत्री बनाया था। लोजपा से भी जीते थे।
विजय कुमार मंडल ने रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा से भी चुनाव लड़ा और सिकटी विधानसभा से जीत हासिल की। तब तत्कालीन विधायक प्रदीप कुमार सिंह अररिया से सांसद बने थे और सिकटी की सीट खाली हुई थी। विजय कुमार मंडल को जिस दल ने अपने साथ लिया, उसे फायदा ही हुआ। विजय कुमार मंडल 2015 और 2020 के विधानसभा में भाजपा की ओर से लड़कर विधायक बने। वर्तमान नीतीश सरकार में वो मुख्य सचेतक की भूमिका में हैं। हालांकि ऐसा माना जाता है कि वो पार्टी से नाराज भी चल रहे थे। जिसके बाद अब उन्हें मंत्री बनाकर पार्टी ने भी उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है ।वही उनके शपथ ग्रहण करने के बाद भाजपा नेताओ ने उन्हें बधाई दी है ।