किशनगंज :जिले में 01 से 07 सितम्बर तक मातृत्व वंदना सप्ताह का किया जा रहा है आयोजन

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गर्भवती महिला एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को मातृत्व वंदना योजना का मिल सकता है लाभ


किशनगंज /प्रतिनिधि

जिले में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना देश के विभिन्न राज्यों के साथ प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जारी है। जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके ताकि वह खुद के साथ-साथ अपने नवजात की भी देखभाल करने में सक्षम हो सके। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य लाभ के लिए मातृत्व वंदना योजना चलायी गयी है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना कार्यक्रम के जिला समन्वयक शाहबाज आलम ने ने बताया ज़िले में 01 से 07 सितंबर तक मातृत्व वंदना (सप्ताह) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।


में 01 से 07 सितंबर तक मातृत्व वंदना (सप्ताह) विशेष कार्यक्रम


कार्यक्रम के पहले दिन स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बैठक के साथ सोशल मिडिया कैंपेन एवं आंगनबाड़ी केंद्र तथा सरकारी अस्पताल आदि जगहों में सेल्फी कार्नर का निर्माण किया जाना है , दुसरे दिन योजना के उद्धेश्य एवं कार्यन्वयन पर ग्राम सभा , शहरी क्षेत्र में बैठक का आयोजन एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर योजना का प्रचार प्रसार , तीसरे दिवस शून्य पंजीकरण वाले केन्द्रों को चिन्हित कर गृह भ्रमण , गर्भवती महिलाओ का कोविड 19 टीकाकरण , स्वास्थ्य एवं पोषण सम्बन्धी जागरूकता कार्यक्रम , चौथा दिन लाभुको का आधार एवं बैंक खता से सम्बंधित समस्याओ का समाधान , आधार एवं बैंक के लीडिंग ऑफिसर के साथ जिला /प्रखंड स्तरीय समन्वय बैठक , पांचवा दिन द्वितीय एवं तृतीय क़िस्त के लिए लंबित आवेदनों प्रपत्रों का निष्पादन के लिए विशेष कैंप का आयोजन परियोजना स्तर पर किया जायेगा , छठे दिन स्वास्थ्य विभाग , सिविल सर्जन , देव्लोपेमेंट पार्टनर के साथ समन्वय कर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाभुको से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना सम्बंधित प्रश्नोतरी एवं गणमान्य लोगो की उपस्थिति में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं चिकित्सा परामर्श वही सातवे दिन जिला स्तरीय देव्लोपेमेंट पार्टनर एवं सहयोगी संस्था आदि के उपस्थिति में समापन समारोह , एवं कार्यशाला का आयोजन तथा विशेष कार्य करने वाले महिला पर्यवेक्षिका , आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को प्रोत्शाहन हेतु प्रशस्ति पात्र का वितरण किया जायेगा |

मातृत्व वंदना योजना का लाभ किसके लिए है जरूरी: प्रीति कुमारी

मातृत्व वंदना योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक शाहबाज आलम ने बताया की सभी तरह की गर्भवती महिला एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को मातृत्व वंदना योजना का लाभ मिल सकता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले लाभार्थी महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए। लेकिन ध्यान देने वाली एक बात यह भी है कि सरकारी कर्मचारी या अन्य किसी भी प्रकार की कानूनी तौर पर लाभ लेने वाली प्राइवेट कर्मचारी या फिर पहले सभी किस्तें पा चुकी महिलाओं को इसके लाभ से वंचित रहना पड़ेगा, क्योंकि सरकारी कर्मचारी की सेवाशर्तों में वेतन सहित मातृत्व अवकाश जैसे लाभ पहले से ही जुड़े होते हैं। जबकि प्राइवेट संस्थानों में कार्य करने वाली महिला अगर किसी अन्य कानून के तहत मातृत्व लाभ की सुविधा प्राप्त कर रही है तो वह भी इस योजना के तहत लाभ प्राप्त नहीं कर सकती है। साथ ही साथ किसी भी तरह की अन्य योजनाओं का लाभ ले रही या फिर इसी योजना के तहत लाभ ले चुकीं महिलाओं को भी मातृत्व वंदना योजना से वंचित रहना पड़ सकता है। लेकिन कुछ निश्चित श्रेणियों को छोड़कर जैसे: आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका के अलावा आशा कार्यकर्ता इस योजना का लाभ लेने की हक़दार हो सकती हैं।

मातृत्व वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य: मंजूर आलाम

मातृत्व वंदना योजना के जिला कार्यक्रम सहायक सुशिल झा ने बताया गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल तथा संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना होता हैं। महिलाओं को पहले छह महीने तक के लिए प्रारंभिक के साथ-साथ विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना एवं गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर तरीक़े से स्वास्थ्य और पोषण के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करना है। वहीं पीएमएमवीवाई के लिए आवेदन करने के समय आवेदनकर्ता के आधार कार्ड की फोटोकॉपी, आधार नहीं होने पर अन्य पहचान संबंधी विकल्प, राष्ट्रीयकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस के खाता की पासबुक, सरकारी अस्पताल द्वारा निर्गत स्वास्थ्य कार्ड, सरकारी विभाग/कंपनी/संस्थान से जारी कर्मचारी पहचान पत्र जमा करना अनिवार्य रूप से जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण के समय प्रथम क़िस्त के रूप में एक हज़ार रुपये की राशि दी जाती हैं, वहीं दूसरे क़िस्त के रूप में दो हज़ार रुपये की राशि प्रसव से पूर्व दी जाती हैं तो अंतिम व तीसरे क़िस्त के रूप में दो हज़ार रुपये दिया जाता है जब बच्चें का जन्म, पंजीकरण व सभी तरह के टीकाकरण के प्रथम चक्र पूरा होने के बाद लाभार्थी को दिया जाता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान ही जननी सुरक्षा योजना के तहत एक हज़ार रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाती हैं|

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