किशनगंज: पौआखाली-डेमार्केट सड़क मार्ग में वाहनों के आपस में फंसने से यातायात रहने लगा है बाधित,प्रशासन मौन

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जिला मुख्यालय से संपर्क स्थापित करने का सबसे शॉर्टकट सिंगल लेन की यह अतिमहत्वपूर्ण सड़क में आए दिन जाम की समस्या से त्रस्त है इलाके की जनता

उक्त मार्ग में ओवरलोड वाहनों पर नही हो रही प्रशासन की कार्रवाई, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से हैरान है आमजनता

किशनगंज /रणविजय


जिले की बेहद महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में से एक पौआखाली-डे-मार्केट सड़क मार्ग जिला प्रशासन की बेरुखी का शिकार बना हुआ है जिला प्रशासन की कुम्भकर्णी निद्रा के कारण उक्त सिंगल लेन की सड़क मार्ग को भारी और ओवरलोड वाहन चालक ने उस स्थिति में पहुंचा दिया है जिसकी कल्पना क्षेत्र की आमजनता ने भी कभी नही की थी।गौरतलब है कि पौआखाली-डेमार्केट सड़क जो पौआखाली एलआरपी चौक नेशनल हाइवे 327 ई से शुरू होकर 19 वे किमी में डेमार्केट चौक में किशनगंज-बहादुरगंज मुख्य पथ में मिलती है ।






बता दे कि पौआखाली से जिला मुख्यालय की दुरी महज 35 किमी रह जाती है।यही वजह है कि उक्त मार्ग को लाखों आबादी के लिए जिला मुख्यालय की दुरी तय करने का शॉर्टकट और सबसे सुगम मार्ग माना गया है।किन्तु दुर्भाग्य से इस मार्ग को भारी वाहनों की नज़र लग गई है और एनएच 327 ई पर लोहागाड़ा से बहादुरगंज के बीच एक पुल के क्षतिग्रस्त होने के चलते भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाए जाने के बाद पौआखाली होकर भारी वाहनों को डायवर्ट करने का आदेश मिलते ही सिलीगुड़ी की दिशा से आने वाले भारी भारी वाहनों का काफिला जिनमें ओवरलोड वाहन भी शामिल रहता है का परिचालन बदस्तूर जारी है। जिस कारण नतीजा यह है कि इस सिंगल लेन की सड़क में आए दिन भारी वाहन का चक्का धंसने से घंटों जाम की समस्या उत्पन्न होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई है।खासकर एम्बुलेंस वाहनों को और पुलिस गश्ती वाहनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसकी सुधि लेने वाला कोई भी नही।आए दिन पौआखाली डेरामारी सड़क में भारी वाहनों के परिचालन से जगह जगह सड़क तो कमजोर हो ही रहा है उसपर वाहनों के फंसने से जाम की समस्या यात्रियों को अलग से परेशानी में डाल रखा है।






क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सिंगल लेन वाली सड़क मार्ग में भारी वाहनों के परिचालन पर आखिर प्रशासन क्यों मौन है और ओवरलोड वाहनों को उक्त मार्ग पर परिचालन के दौरान प्रशासन कार्रवाई करने से क्यों कतरा रही है।क्षेत्र के लोगों ने जिला पदाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए आग्रह किया है कि इस मार्ग को क्षति होने से बचा लें प्रशासन,वर्ना दर्जनों गांवों की लाखों आबादी को वाया बहादुरगंज होकर किशनगंज 50 किमी या फिर वाया ठाकुरगंज होकर किशनगंज जिला मुख्यालय तक का 150 किमी अप-डाउन सफर तय करने पर मजबूर हो जाना पड़ेगा।






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