किशनगंज /राजेश दुबे
भारत बांग्लादेश और नेपाल सीमा से सटे चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा अभेद्य होगी जिसे लेकर केंद्र सरकार के द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है।मालूम हो कि केंद्र सरकार सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण इस इलाके में 40 किलोमीटर लंबी स्ट्रेटेजिक कॉरिडोर पर अंडरग्राउंड रेल ट्रैक बनाने की तैयारी कर रही है साथ ही चार नई रेल लाइन भी बनाई जाएगी।70% मुस्लिम आबादी वाले इस इलाके की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार खास तैयारी कर रही है।
चिकन नेक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जमीन के अंदर रेल लाइन निर्माण का निर्णय लिया गया है जिसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पत्रकारों को दी ।मालूम हो कि चिकन नेक के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के कानकी थाना क्षेत्र से लेकर इस्लामपुर थाना क्षेत्र तक का इलाका शामिल है ।
इसके मध्य में लगभग 6 किलोमीटर का क्षेत्र बिहार के किशनगंज जिले में पड़ता है।जो कि सामरिक दृष्टि कोण से अत्यंत ही महत्वपूर्ण है।यहां से बांग्लादेश बॉर्डर की दूरी महज 25 किलोमीटर है जबकि नेपाल लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है ।
क्यों कहते है चिकन नेक
भारत के मानचित्र को अगर हम देखेंगे तो उसमें पश्चिम बंगाल और बिहार का यह इलाका बिलकुल मुर्गी के गर्दन की तरह है ।इस 40 से 45 किलोमीटर के क्षेत्र में सड़क और रेल मार्ग एक साथ गुजरती है। अगर यहां सड़क और रेल मार्ग को अवरुद्ध कर दिया जाए तो पूर्वोत्तर के सात राज्यों से शेष भारत का संपर्क कट जाएगा जिसे देखते हुए केंद्र सरकार का फोकस इस पूरे इलाके पर है।
सीएए लागू होने के बाद शारजील ईमान ने दी थी चिकन नेक काटने की धमकी
दिल्ली जेल में बंद शरजील इमाम ने साल 2020 में अपने एक भाषण में कहा था कि चिकन नेक को यदि हम काट दे तो असम अलग हो जाएगा और सरकार को हमारी बात मजबूरन मानना पड़ेगा ।वही बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्ता पलट के बाद अंतरिम सरकार के नेता मोहम्मद युनुस भी कई बार इस इलाके को लेकर विवादास्पद बयान दे चुके है ।बांग्लादेश और चीन की नजदीकियां किसी से छुपी हुई नहीं है ।
बांग्लादेश चीन के हाथों की कठपुतली बन चुका है और चिकन नेक कॉरिडोर से सटे बांग्लादेश में चीन कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है ।जिसे देखते हुए अब भारत सरकार ने भी इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है ।बीते दिनों गृहमंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी दौरे के दौरान कहा था कि चिकन नेक भारत की भूमि है किसी के बाप की भूमि नहीं है ।इसी से समझा जा सकता है कि यह इलाका कितना महत्वपूर्ण है ।
किशनगंज में सेना के कई कैंप प्रस्तावित है जिनके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है । कॉरिडोर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे इलाके की ऐसी किलेबंदी की जा रही है कि परिंदा भी पर न मार सके।
40 किलोमीटर लंबे रेलवे टनल और चार नई रेल लाइन के निर्माण से पूर्वोत्तर के सात राज्यों के साथ शेष भारत का न सिर्फ संपर्कमजबूत होगा बल्कि डिफेंस लॉजिस्टिक्स की बिना रुकावट आवाजाही पक्की हो सकेगी ।





























