फारबिसगंज/बिपुल विश्वास
फारबिसगंज में बुधवार को वसंत पंचमी की धूम रही. मां सरस्वती की पूजा-अर्चना को लेकर शहर से लेकर गांव तक उत्सव का माहौल रहा. स्कूल- कॉलेजों व अन्य विभिन्न शिक्षण संस्थाओं से लेकर गली-मोहल्लों तक मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई. सरस्वती पूजा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थें.

हुड़दंगियों पर खास नजर रखी जा रही थी. पंडित प्रकाश झा ने बताया कि वसंत पंचमी पर पूजा सूर्योदय के समय प्रात:काल में ही की जाती हैं बुधवार को सूर्योदय के समय से ही पंचमी तिथि हैं नई विद्या सीखना शुरू करने के लिए यह दिन शुभ हैं. पंडितों के अनुसार वसंत पंचमी के दिन नई विद्या सीखना शुरू करने से ज्ञान जल्दी व आसानी से मिलता है. सरस्वती प्रसन्न तो लक्ष्मी का भी आशीर्वाद देती है. सरस्वती पूजा को लेकर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थें. फारबिसगंज के सरस्वती विधा मंदिर, एससीपी मिथिला पब्लिक स्कूल समेत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पूजा-अर्चना की गई।प्रखंड के अम्हारा,मझुआ, हलहलिया, सैफगंज, शंकरपुर, हरीपुर, ठोल्बज्जा, सहित दर्जनों जगहों में भी विद्या की देवी सरस्वती की पूजा धूमधाम से की गई. पत्रकारों द्वारा भी सरस्वती पूजा मनाई गई. इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को सरस्वती पूजा की बधाइयां दी. कुछ पूजा पंडालों पर महाभोग प्रसाद का भी आयोजन किया गया. हर तरफ हरियाली और खेतों में सरसों के पीले फूल ऋतुराज के आगमन का संदेश दे रहे हैं. माघ माह की पंचमी को बसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन को लोग बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं.मां सरस्वती की पूजा के साथ ही ऋतुराज का स्वागत होता है.पंडितों के अनुसार वसंत ऋतु का आगाज माघ माह की पंचमी से होता है जो फाल्गुन माह तक माना जाता है. इस ऋतु में सुगंधित वायु, पेड़ों में नए पल्लव,आम के पेड़ों में सुगंधित बौर के साथ-साथ होली का पर्व मनाया जाता है.सरस्वती मां के पूजन का विशेष महत्व वसंत पंचमी के दिन लोग स्वर व शिक्षा की देवी मां सरस्वती की पूजा करते हैं.
बसंत पंचमी को मां वीणावादिनी की उपासना से मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन छात्रों को सरस्वती मां की आराधना करनी चाहिए.वसंत पंचमी के दिन से लोग होली बढ़ाने का क्रम शुरू करते हैं.वहीं गुरुवार को पूजा और विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था में व्यवधान नहीं आए, इसपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.जगह-जगह चिह्नित स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई हैं.पूजा से लेकर विसर्जन और संदिग्ध स्थलों तक पर पुलिस की नजर है.हुड़दंगियों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.