मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसून हो या और मानसून सत्र, अगर दोनों ही pro active हो, तो बहुत ही productive होते हैं।और दोनों productive होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी pro active रहे और मानसून सत्र भी productive रहे।पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं।देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है।
उन्होंने कहा कि चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं।पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक International Space Station पर पहुंचा था।
और परसो ही भारत के एक युवा startup ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है।ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है।
और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। पीएम मोदी ने कहा कि लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थिति बनती है। पीएम मोदी मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो energy के लिए औरों पर dependent हैं, उनके लिए ये एक बहुत बड़ा संकट का कारण रहा।पेट्रोल, डीजल, LPG, फ़र्टिलाइज़र जैसे हर क्षेत्र में अनेक बाधाएं और संकट आए।उसके बावजूद भी भारत 7.7% के growth से दुनिया की मेजर इकॉनमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश रहा।ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक रहा है।



























