गंगा की तेज धारा का दवाब कम करने के लिए बनाए जा रहे बालू के बांध
मनिहारी| /कटिहार-मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट की सुरक्षा को लेकर बाढ़ कटाव निरोधी कार्य तेज कर दिया गया है। गंगा में जलस्तर बढ़ने और तेज धारा के कारण परियोजना के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इसे देखते हुए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटिहार द्वारा सुरक्षा के विशेष उपाय किए जा रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटिहार के कार्यपालक अभियंता इंजीनियर अनिरुद्ध कुमार ने रविवार को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक अभियंता इंजीनियर चंद्रशेखर गुप्ता तथा कनीय अभियंता विश्वाल्लभ कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने रिवर फ्रंट को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों के निर्देश पर रिवर फ्रंट के समीप गंगा की तेज धारा को दूसरी ओर मोड़ने के उद्देश्य से तीन स्थानों पर बालू से भरी बोरियों का अस्थायी बांध बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से नदी की धारा का दबाव कम कर निर्माणाधीन परियोजना को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत मनिहारी में रिवर फ्रंट निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
हालांकि बाढ़ के दौरान गंगा की तेज धारा ने परियोजना की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र में इतनी बड़ी एवं महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए स्थल चयन किस आधार पर किया गया। फिलहाल विभाग सुरक्षा कार्यों में जुटा है ताकि निर्माणाधीन रिवर फ्रंट को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।


























