किशनगंज /प्रतिनिधि
प्रज्ञा अभियान शांतिकुंज हरिद्वार अखिल विश्व गायत्री परिवार युग निर्माण योजना मथुरा के संस्थापक एवं संचालक वेद मूर्ति तपोनिष्ठ
पंडित श्री राम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में गायत्री परिवार कोचाधामन द्वारा ढेकसरा मेंभव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए आए परिजन एवं भाइयों बहनों ने 2026 में शताब्दी समारोह शांतिकुंज हरिद्वार की काफी चर्चा की तथा अपनी अपनी सहभागिता की भूमिका के लिए संकल्प भी लिए।
समय दान अंशदान के लिए अपनी योजना तय किये। दिव्य वातावरण में गोष्ठी में उपस्थित परिजनों के बीच टोली नायक हरिश्चंद्र सिंह ने गोष्ठी के उद्देश्य पर भाव भरे आवश्यक चर्चा किया तथा अपनी अपनी जिम्मेंदारियो को निभाने का संकल्प भी कराए।
पर्यावरण संचालक राकेश कुमार जी द्वारा पर्यावरण पर विशेष चर्चा की गई एवं प्रत्येक व्यक्ति को वृक्ष लगाने का संकल्प कराया गया। शिव मंदिर परिसर में वृक्षारोपण कार्य भी संपन्न हुआ। राम नाम लेखन पुस्तिका का 100 लोगों में वितरण किया गया एवं उसे लिखकर भरकर जमा करने का निवेदन किया गया। 24 करोड़ राम-राम लेखन का संकल्प गायत्री परिवार द्वारा लिया गया है जो कई महीने से अनवरत चलाया जा रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे वरिष्ठ प्रज्ञा पुत्र श्यामानंद झा सेवानिवृत प्रधानाध्यापक शिक्षाविद राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद होने के उपरांत दुनिया के तमाम राष्ट्रीय अध्यक्षों ने कहा था भारत की आजादी स्थाई रह नहीं सकेगी टुकड़े-टुकड़े में बट जाएंगे। ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री चर्चिल ने कहा था आजादी के बाद भारत बर्बाद हो जाएगा।
दुनिया के बड़े-बड़े दार्शनिकों वैज्ञानिकों भविष्यवक्ताओं राष्ट्रीय अध्यक्षों ने कहा था जिस देश में विभिन्न जाति धर्म संप्रदाय विभिन्न भाषाओं विभिन्न रहन-सहन विभिन्न पर्व-त्योहारों आदि का देश होने के कारण इतना बड़ा लोकतंत्र नहीं चल सकता जबकि 70% लोग यहां निरक्षर है। दुनिया की इतनी बड़ी नकारात्मक घोषणा के बाद ही महान स्वतंत्रता सेनानी वेद मूर्ति पंडित श्री राम शर्मा आचार्य ने उद्घोष किया था “21वीं शदी उज्जवल भविष्य” हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा। घोषणा के उपरांत दुनिया के लोगों ने उनकी हंसी उड़ाई थी। लेकिन आज की स्थिति में आप देख सकते हैं ब्रिटेन कहां खड़ा है और दुनिया के लोग भारत को आश्चर्य से देख रहा है।
आज परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री का 16 करोड़ शिष्यों ने दुनिया के 90 देश में भारतीय सनातन संस्कृति की धूम मचा रखी है हमें इस पर गर्व होना चाहिए और जीवन में और भी प्रखरता लाकर अपना कार्य करना चाहिए। 21वीं शदी का दायित्व बढ़ गया है। आगे उन्होंने कहा किसी चोरी करने वालों की सरकारी तंत्र जेल में डाल सकता है किंतु उनकी आत्मा भीतर से पवित्र परिवर्तन नहीं कर सकता यह काम गायत्री परिवार ही कर सकता है। नशाखोरों को सरकार सजा दे सकती है लेकिन नशाखोरी बंद करने का कार्य गायत्री परिवार ही कर सकता है।
भारतीय संस्कृति सभ्यता के उन्नयन के लिए सरकार विद्यालय खोल सकती है लेकिन आंतरिक रूप से संस्कृति के उत्थान के लिए परिवर्तन का कार्य गायत्री परिवार ही कर सकता है।मानवीय दुष्परवृत्तियों को मिटाने का हमारा दायित्व है तथा मानव में देवत्व का उदय एवं धरती पर स्वर्ग जैसे वातावरण बनाने का कार्य सिर्फ और सिर्फ गायत्री परिवार ही कर सकता है।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के समय समुद्र में बांध बनाने लंका पर विजय प्राप्त करने जैसा दुष्कर कार्य बंदर भालू नल नील रीछ वान रगिलहरियों द्वारा ही पूरा हुआ था और आज नवयुग का निर्माण 21वीं शदी उज्ज्वल भविष्य बनाने का संकल्प श्री राम का बंदर भालू गिलहरी रीछ बानरो जैसा दिखने वाला गायत्री परिवार ही पूरा सकता है ऐसा संपूर्ण विश्वास परम पूज्य गुरुदेव श्री राम सत्ता पर करना होगा। जय घोष के साथ वातावरण गुंजायमान हो उठा।
ऐसे प्रभावशाली गोष्ठी को सफल बनाने में हरिश्चंद्र सिंह साबूलाल सिंह वीणादेवी रंजीत मुखिया राकेश कुमार सिप्टी सिंह दीप्ति देवी अर्जुन सिंह विमल सिंह धीरेंद्र कर्मकार ब्रह्मदेव यादव सोतो देवी कालीचरण सिंह लालचंद सिंह तारा देवी शिवचरण सिंह वासुदेव सिंह हीरालाल सिंह हेमचरण सिंह विजय कुमार सिंह आदि की सराहनीय भूमिका रही।