बम बारूद बंदूक और बंगाल !
सुशील दुबे अंग्रेजी में एक बहुचर्चित कथन है बंगाल के संदर्भ में।What bengal thinks today, india will think tomorrow.उपरोक्त कथन न सिर्फ बंगाल की दूरदर्शिता की बात करता है अपितु समृद्ध बौद्धिक, समाजिक एवम सांस्कृतिक विरासत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डालता है। यह बंगाल ही था, जहाँ खुदीराम बोस जैसे माँ भारती के सपूत … Read more