आंगनबाड़ी व्यवस्था में बढ़ी जवाबदेही
कोढ़ा /कटिहार-कोढ़ा बाल विकास परियोजना में कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सीडीपीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए चार आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं एक सेविका को चयनमुक्त कर दिया है।
चयनमुक्त होने वाली सेविका योगेश्वर पासवान टोला केंद्र संख्या 159 की शोभा देवी एवं केंद्र संख्या 96 रामपुर मध्य की सहायिका माला देवी,केंद्र संख्या 126 बहरखाल की सहायिका गीता देवी ,केंद्र संख्या 189 पैकहा दक्षिण की सहायिका सीता देवी,एवं केंद्र संख्या 222 की सहायिका अनुमति देवी बताई जा रही है।इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में हड़कंप मच गया है और सेविका-सहायिकाओं के बीच जवाबदेही का माहौल बन गया है।
हालांकि कुछ सेविका इसे बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कोढा की मनमानी बता रहे हैं साथ ही जिलाधिकारी कटिहार को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की है।वहीं दूसरी ओर कार्रवाई का असर भी तुरंत देखने को मिल रहा है। अब अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुल रहे हैं तथा सेविका एवं सहायिकाएं निर्धारित समय पर केंद्रों पर उपस्थित रहकर बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं का नियमित संचालन कर रही हैं।
सीडीपीओ उषा किरण ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सेविका एवं सहायिकाओं को सरकारी दिशा -निर्देशों के अनुरूप पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो सेविका एवं सहायिका अपने कार्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी, उन्हें विभागीय स्तर पर प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा।
वहीं जिनके कार्य में लापरवाही, अनियमितता या अनुपस्थिति पाई जाएगी।उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। सीडीपीओ की इस कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासनात्मक पहल को प्रखंड में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसी नियमित निगरानी और निष्पक्ष कार्रवाई से आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा तथा सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सकेगा।






















