सागर चंद्रा/किशनगंज
डॉक्टर साहब इसी जहरीले सांप ने मेरे भाई को काट लिया है। इतना कहते ही एक व्यक्ति ने प्लास्टिक की जार में बंद सांप को डॉक्टर के सामने रख दिया। जार में भी विशालकाय नाग बन फैलाये बैठा था। हालांकि परिजन ने सांप के गले में फंदा लगाकर उसे कस के बांध दिया था। इसके बावजूद उसकी फुफकार सन्नाटे को चीरती हुई स्पष्ट सुनाई दे रही थी।
यह दृश्य देख कर डॉक्टर सहित अन्य कर्मी भयभीत हो गए। शोरगुल को सुनकर मौके पर इलाज कराने पहुंचे मरीज और उनके परिजनों के साथ साथ अस्पताल कर्मियों की भीड़ लग गई। लोग कौतूहलवश जार में बंद विषधर को देखने लगे। जिससे मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। आखिरकार अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और जार में बंद सांप को परिजनों के हवाले कर दिया। जबकि परिजन ने जार में बंद विषधर को बाइक की डिक्की में सुरक्षित रख दिया। परिजनों का कहना था कि मरीज के स्वस्थ होने के बाद वे सांप को सुरक्षित स्थान पर छोड़ देंगे।
दरअसल जिले के कोचाधामन थाना क्षेत्र स्थित होता मोमिन टोला निवासी लाल बाबू (45) शनिवार सुबह फसल की सिंचाई करने खेत गया था। उसने पंप सेट चालू कर ज्यों ही अपना हाथ पाइप से हटाया, त्यों ही पाइप में पूर्व से छिपे बैठे सांप ने उसकी हथेली पर डंस लिया। घटना के बाद लाल बाबू ने हिम्मत नहीं हारी। उसने आवाज देकर अपने परिजनों को बुलाया और उन्हें घटना की जानकारी की। वहीं परिजन फौरन लाल बाबू को बाइक में बैठा कर सीधे सदर अस्पताल ले आये।
परिजन लाल बाबू के साथ सांप को भी साथ लेकर सदर अस्पताल पहुंच गए। ताकि सांप की पहचान कर लाल बाबू का सटीक इलाज किया जा सके। बहरहाल पीड़ित को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज प्रारंभ कर दिया गया है। लगातार विषरोधी दवा दिये जाने के बाद भी उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

























