अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत कलाबलुआ पंचायत में प्रशिक्षण सह इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ICAR-IIAB प्रायोजित अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के अंतर्गत “सीमांचल क्षेत्र के अनुसूचित जाति किसानों में जलवायु सहनशीलता को सुदृढ़ करना एवं जलवायु अनुकूलन तकनीकों का प्रसार” विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज की परियोजना टीम — डॉ. कृष्णा डी. के., स्नेहल चक्रवर्ती, नागार्जुन एवं केविन क्रिस्टोफर — द्वारा प्रदान (PRADAN) एनजीओ, रानीगंज प्रखंड, अररिया के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कुल 75 कृषक महिलाओं को सब्जी उत्पादन को अतिरिक्त आय के स्रोत एवं पारिवारिक पोषण सुरक्षा के रूप में अपनाने हेतु प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने अच्छी गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों के उपयोग पर विशेष बल दिया और बताया कि उन्नत एवं जलवायु सहनशील किस्मों के बीजों के प्रयोग से बेहतर अंकुरण, अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता तथा फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। किसानों को स्थानीय मृदा एवं जलवायु के अनुरूप किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई, जिससे बदलती मौसमीय परिस्थितियों में जोखिम को कम किया जा सके।
भाषण के दौरान कीट एवं रोग प्रबंधन पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने समेकित कीट प्रबंधन (IPM) अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि रासायनिक दवाओं के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए जैविक, यांत्रिक एवं सांस्कृतिक विधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फेरोमोन ट्रैप, पीले चिपचिपे ट्रैप, नीम आधारित जैव-कीटनाशक तथा नियमित फसल निगरानी के माध्यम से कीटों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, जिससे उत्पादन लागत कम होती है और पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।
इसके अतिरिक्त किसानों को वैज्ञानिक फसल उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी गई, जिसमें उचित भूमि तैयारी, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जैव उर्वरकों का उपयोग, फसल चक्र अपनाना तथा समय पर एवं आवश्यकता अनुसार सिंचाई की महत्ता को रेखांकित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर कम संसाधनों में अधिक, टिकाऊ एवं जलवायु-सहनशील उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रदान एनजीओ के शैलेश एवं आशुतोष उपस्थित रहे, जबकि अमित कुमार, जिला समन्वयक, प्रदान एनजीओ, किशनगंज द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. के. सत्यनारायण, प्राचार्य, डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय एवं प्रदान एनजीओ के बीच दीर्घकालिक सहयोग एवं साझेदारी बनाए रखने का आश्वासन दिया गया।



























