एसएसबी द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित सिलाई प्रशिक्षण शिविर का हुआ उद्घाटन

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खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

शनिवार को एसएसबी 41वीं बटालियन रानीडांगा द्वारा सीमावर्ती गांव मदनजोत के प्राइमरी स्कूल के प्रांगण में युवतियों के आत्मनिर्भर बनाने के लिए टेलरिंग और कटिंग प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन एसएसबी 41वीं बटालियन के द्वितीय कमांडेंट ओ ओकेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह प्रशिक्षण 30 दिनों तक चलेगा। एसएसबी 41वीं बटालियन के सेकंड-इन-कमांडेंट ओ ओकेन्द्र सिंह ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से युवतियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी ।

इसलिए उन्होंने प्रशिक्षु को प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने और इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के लिए कहा। कार्यक्रम के शुभारंभ में सहायक कमाडेंट निखिल विश्वास ने इस प्रोग्राम कि रूपरेखा को अवगत कराया । उसके उपरांत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 41 वीं वाहिनी के द्वितीय कमांडेंट ओ ओकेंद्रों सिंह ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया । द्वितीय कमान अधिकारी ने अपने सम्बोधन में उपस्थित महिलाओं तथा जनसमूह को इस प्रोग्राम के लक्ष्य एवं इसके उपयोगिता के बारे में लोगों को अवगत कराया व लोगों से अपील कि स्थानीय महिलाये इस सिलाई ट्रेनिंग के माध्यम अपने को ही नही बल्कि गाँव के अन्य महिलायो को सिलाई सीखा सकती है साथ ही इस हुनर से रोजगार का अवसर भी प्राप्त कर सकती है । साथ ही अपने सम्बोधन में कहा कि स्थानीय जनता के सहयोग के बिना कोई भी संस्था अपने दायित्वों का पूर्णरूपेण निर्वहन नही कर सकती , अतएव आप लोगों का सहयोग देश की सीमा की रक्षा में आपेक्षित है ।

उद्घाटन समारोह में 60 से अधिक महिलाएं उपस्थित थी । सिलाई प्रशिक्षण प्रदान कराने वाली संस्था के विजय सोनार ने अपने सम्बोधन में प्रशिक्षण के पाठयक्रम तथा समय सारणी को महिलायो को अवगत कराया और इस प्रोग्राम के आयोजन के लिए एसएसबी कि सराहना कि और भविष्य में एसएसबी को सहयोग देने का आश्वासन दिया । इस अवसर पर 41वीं बटालियन के सेकंड-इन-कमांडेंट ओ ओकेन्द्र सिंह, मदनजोत के सहायक कमांडेंट निखिल विश्वाश, विजय सोनल, शिक्षक मृणाल रंजन राय, सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सिंह, प्रशिक्षु और एसएसबी के सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे ।

मालूम हो कि एसएसबी की 41 वीं वाहिनी की ओर से भारत-नेपाल के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में सिलाई, कंप्यूटर समेत विभिन्न तरह के रोजगारमूलक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए ।इसमें सैकड़ों युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का रोजगार कर रहे हैं। इसके अलावा सामाजिक चेतना अभियान, बेटी-बचाओ व बेटी-पढ़ाओ अभियान के तहत भी कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराने हेतु कंप्यूटर प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम भी आयोजित करते रहते हैं। वहीं युवतियों को सिलाई व कंप्यूटर का ट्रेनिंग देते हैं ताकि वे आगे अपना रोजगार खोलकर भविष्य संवार सके।

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