मनिहारी /कटिहार – स्थानीय नेशनल पब्लिक स्कूल मनिहारी के प्रांगण में मनिहारी की धरती के लाल पद्म भूषण डॉ० बलाई चंद्र मुखर्जी बोनोफूल जी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ स्कूल के ट्रस्टी शिक्षाविद डॉ० ओम प्रकाश पाण्डेय के संयोजकत्व में मनाई गई | इस अवसर पर बोनोफूल जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण किया गया |
इस अवसर पर डॉ० पाण्डेय ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि बांग्ला साहित्य की महान विभूति बोनोफूल जी जिनकी कीर्ति पताका देश और विदेश में फहरा रही है उनके जन्मभूमि में हमारा जन्म हुआ। बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय सहित अपने देश का कोई भी विश्व विद्यालय ऐसा नहीं है। जहां बांग्ला भाषा की पढाई होती हो और वहां बोनोफूल की रचना पाठ्यक्रम में शामिल न हो।
उनकी रचनाओं पर अनेक फिल्मों का निर्माण हुआ जिसमें से एक हाटेबाजारे है जिस नाम पर इनकी जन्मशती पर सियालदह एक्सप्रेस का नामकरण हाटे बाजारे एक्सप्रेस किया गया | ऐसी विभूति अपने हीं घर में भुला दिए गए | इस अवसर पर नागरिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंगद ठाकुर ने कहा कि मनिहारी की धरती पर बोनोफुल जी के योगदान को याद रखने के लिए हाई स्कूल से हाट वाली सड़क का नामकरण उनके नाम से करने तथा उनकी प्रतिमा लगाने की मांग की | इस अवसर पर राज कुमार यादव, बीरेंद्र कुंवर, दिनेश कुमार राय, राज कुमार ततमा, श्रवण कुमार मिर्धा, हरिहर पासवान, जैकी मिर्धा आदि उपस्थित रहे |



























