युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण शिविर शुरू मारवाड़ी कॉलेज में आयोजित सात दिवसीय आवासीय शिविर में शामिल होंगे 150 प्रतिभागी

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किशनगंज :बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ बुधवार को मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज में हुआ। उद्घाटन समारोह के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार ने सभी अतिथियों एवं पटना से आई एसडीआरएफ टीम के सदस्यों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर हार्दिक स्वागत किया।

इसके पश्चात प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार की अध्यक्षता में फीता काटकर प्रशिक्षण शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोचाधामन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सजल प्रसाद, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजय कुमार पांडेय तथा आर. के. साहा महिला कॉलेज, किशनगंज के प्रो. सुनील कुमार उपस्थित थे।

 

यह आवासीय प्रशिक्षण शिविर 01 जुलाई से 07 जुलाई तक चलेगा। इसमें जिले के विभिन्न महाविद्यालयों यथा नेहरू कॉलेज, बहादुरगंज; मोहम्मद हुसैन आजाद कॉलेज, ठाकुरगंज; आर. के. साहा महिला कॉलेज, किशनगंज तथा मेजबान मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।

 

प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पटना से एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम पहुंची है, जिसमें सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार पाटिल, इंस्ट्रक्टर नवनीत कुमार, नागेंद्र कुमार शाह, अनुपम कुमार, पंकज कुमार, शत्रुध्न कुमार, राजू कुमार, श्रीमती तनुजा कुमारी, श्रीमती जयश्री कुमारी तथा विजय कुमार यादव शामिल हैं।

 

प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के संबंध में व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार ने कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित युवा समाज के लिए अमूल्य संपत्ति सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र कार्यक्रम युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

 

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) सजल प्रसाद ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं की चुनौतियाँ निरंतर बढ़ रही हैं। ऐसे में युवाओं का प्रशिक्षित एवं जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

 

एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. क़सीम अख्तर ने प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस आवासीय प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न आयामों से परिचित कराया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समाज और प्रशासन के सहयोगी के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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