टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान” को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सभी सरकारी अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह दो कार्य दिवस—सोमवार एवं शुक्रवार—को अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर जनता की शिकायतें सुननी होंगी और उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना होगा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी टेढ़ागाछ अजय कुमार ने प्रखंड कार्यालय सभागार में सभी प्रखंड कर्मियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को सरकार के इस निर्देश की विस्तृत जानकारी दी गई। बीडीओ अजय कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह व्यवस्था 19 जनवरी से जिले के सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों, प्रखंड, अंचल, थाना एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में प्रभावी रूप से लागू होगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाया जाए, उनसे शालीनता एवं संवेदनशीलता के साथ संवाद स्थापित किया जाए तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। साथ ही कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था आदि हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। किसी भी स्तर पर लापरवाही या असंवेदनशील व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीडीओ ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। सरकार चाहती है कि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान सीधे संवाद के माध्यम से हो। इससे न केवल जनता का समय बचेगा बल्कि प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
बैठक में मौजूद प्रखंड कर्मियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए तथा प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह पहल जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे “सबका सम्मान–जीवन आसान” की परिकल्पना को वास्तविक रूप मिल सके।

























