अररिया से अरुण कुमार की एक रिपोर्ट
फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पथ सुदृढ़ीकरण के नाम पर गुणवत्ता से समझौता किए जाने की आशंका है। निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की मिक्सिंग कहीं और कराकर सड़क स्थल पर लाकर ढलाई की जा रही है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मिक्सिंग स्थल अलग होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि निर्माण में कितना बालू, सीमेंट और गिट्टी का अनुपात रखा गया है। लोगों का कहना है कि सड़क की ढलाई महज चार से पांच इंच की जा रही है, जबकि सामान्य रूप से कम से कम छह इंच की ढलाई होनी चाहिए। चार इंच की ढलाई करना ग्रामीणों की समझ से बाहर है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बालू तो ठीक है, लेकिन सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी इस सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ था जिससे सड़क का गिट्टी समय पहले उखड़ने लगी थी। और अब सुदृढ़ीकरण का कार्य भी भगवान भरोसे कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से कार्य की जांच कराने की मांग की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में सूचना पट्ट पर दर्ज संवेदक के संपर्क नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संवाद नहीं हो सका। वहीं, इससे जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पथ सुदृढ़ीकरण का कार्य मानक के अनुरूप किया जा रहा है। अधिकारी के अनुसार, इस योजना में चार से पांच इंच की ही ढलाई प्रस्तावित है और कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
योजना का विवरण
बता दें कि ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (RRSM) के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की जा रही है। योजना के तहत मेहता टोला सत्संग भवन से मनसूरी टोला मस्जिद पथ तक का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
इस पथ की कुल लंबाई 1.950 है और पूरी लंबाई में सीसी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।
योजना पर कुल 100.688 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें मूल कार्य की लागत 85.596 लाख रुपये है, जबकि संचालन एवं प्रबंधन मद में 7.861 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। बीटी भाग पर पांचवें वर्ष कालिकरण के लिए 4.062 लाख रुपये का प्रावधान है।सूचना पट्ट के अनुसार, इस कार्य में दो पुलिया और एक कलवर्ट शामिल है।

























