टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह
भूमि विवादों का निपटारा करने और आम रैयतों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को टेढ़ागाछ प्रखंड के चार पंचायतों – खनियाबाद, झुनकी मुशहरा, धवैली और चिल्हनियां – में राजस्व महा अभियान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार पटना के आदेशानुसार पंचायत सरकार भवनों और सामुदायिक भवनों में लगाया गया।
इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और अपने-अपने मामलों को दर्ज कराया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमाबंदी, रैयत, रकबा, खाता, खेसरा या परिवार से अलग नाम दर्ज कराने जैसे मामलों में रैयत निर्धारित परपत्र भरकर शिविर में जमा करें। विभाग द्वारा सभी अभिलेखों की जांच कर आवश्यक सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिविर में शामिल ग्रामीणों ने इस पहल को ऐतिहासिक और उनके लिए “वरदान” करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में अधिकांश विवाद जमीन और संपत्ति को लेकर ही होते हैं, जिससे परिवारों में तनाव बढ़ता है और लोगों को वर्षों तक थानों और न्यायालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो जमीन विवाद की समस्या जड़ से समाप्त हो सकती है।शिविर में उल्लेखनीय भागीदारी चिल्हनियां सहित सभी पंचायतों के शिविरों में बड़ी संख्या में रैयतों की उपस्थिति रही।
मौके पर राजस्व कर्मचारी सतीश कुमार, किसान सलाहकार, विकास मित्र, ग्राम कचहरी सचिव, आवास सहायक, रोजगार सेवक, स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं पंचायत सचिव समेत अन्य कर्मी मौजूद थे। उनकी देखरेख में ग्रामीणों की समस्याओं का पंजीकरण किया गया और कई मामलों का निपटारा वहीं पर किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जमीन विवाद अक्सर पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है, लेकिन सरकार की यह पहल उन विवादों को समाप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। स्थानीय स्तर पर मिल रही इस सुविधा ने रैयतों को राहत की नई उम्मीद दी है।