विराटनगर/विजय कुमार साह
रविवार को हर्षोल्लास के साथ जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विराटनगर आस्था और भक्ति के सागर में डूब गया। यहां तीनपैनी स्थित राधा कृष्ण मंदिर से शुरू हुई भव्य रथ यात्रा ने पूरे शहर को धर्म, संस्कृति और एकता के रंग में रंग दिया। यात्रा क्रमशः विराटेश्वर शिव मंदिर, गोलचा चौक, श्री सत्यनारायण मंदिर (सेंट्रल मॉल), काली मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर (मनेलिभ), इनकम टैक्स कार्यालय (ट्रैफिक चौक), संसारिमाईस्थान मंदिर, रोड सेस चौक, बस स्टैंड और महेन्द्र चौक से होते हुए पुनः राधा कृष्ण मंदिर में संपन्न हुई।
इस दौरान शहर की गलियाँ “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि से गूँज उठीं। रथ के साथ चल रहे श्रद्धालु नृत्य और भक्ति में सराबोर दिखे। दर्जनों आकर्षक झांकियाँ, राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चे-बच्चियाँ और भव्य रथ ने जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा शहर भक्ति-मय वातावरण में डूब गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री कैलाश रेगमी ने कहा कि इस रथ यात्रा को ऐतिहासिक बनाने में नेपाल पुलिस प्रशासन, बुद्धिजीवियों और युवा वर्गों की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने इसे विराटनगर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर बताया।सूत्रों के अनुसार, इस आयोजन में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी रथ यात्रा का दर्जा दिलाया। भीड़ के बीच अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था काबिले-तारीफ़ रही।स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इसे विराटनगर की धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता और आस्था का अनूठा उदाहरण बताया।