परिवार नियोजन: विकसित भारत की अनिवार्य आवश्यकताजनसंख्या नियंत्रण से ही होगा सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण

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किशनगंज /संवाददाता

भारत दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, और बढ़ती जनसंख्या हमारे सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संसाधनों पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 17 से 29 मार्च तक “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत बुधवार को सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन मेले का आयोजन किया गया।इसी क्रम में जिले के सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेले का उद्घाटन नगर परिषद् किशनगंज के अध्यक्ष इन्द्रदेव पासवान एवं सिविल सर्जन डॉ. मंजर आलम ने संयुक्त रूप से किया।

इस दौरान मीडिया ब्रीफिंग का भी आयोजन किया गया, जिसमें सिविल सर्जन ने अभियान की रूपरेखा और महत्व को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. मंजर आलम, डीएस डॉ. अनवर हुसैन, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी, डीपीएम, डीपीसी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पीएसआई एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि, और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।


नगर परिषद अध्यक्ष इन्द्रदेव पासवान ने जनसंख्या वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की सख्त जरूरत है। जब तक इस पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक संसाधनों का असंतुलन और गरीबी जैसी समस्याएँ बनी रहेंगी।” उन्होंने आम जनता से इस कानून की मांग करने की अपील की और कहा कि “परिवार नियोजन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आमजन को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

जब तक हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। सिविल सर्जन डॉ. मंजर आलम ने कहा कि “अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि का सबसे बड़ा कारण शिक्षा और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता की कमी है। विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों में इस विषय पर सही जानकारी का अभाव है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन केवल नसबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई अस्थायी और स्थायी साधन उपलब्ध हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। इस पखवाड़े के दौरान सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष परामर्श और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक दंपति इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।

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