सिर्फ नेपाली ही नहीं अन्य मुल्कों से आने वाले लोगों को भी मिले नागरिकता :विधायक
संसद द्वारा पारित कानून के बाद प्रदान किया जा रहा है नागरिकता : डॉ जायसवाल
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिए जरूरी निर्देश
राजेश दुबे/किशनगंज
वर्षों से नागरिकता के लिए भटक रही नेपाली मूल की महिलाओं को अब भारतीय नागरिकता मिलने वाली है।भारतीय बहुओं को नागरिकता प्रदान करने के लिए किशनगंज में प्रशासन के द्वारा कवायद शुरू कर दी गई है।।सीमावर्ती किशनगंज जिले में इसे लेकर विशेष तैयारी की गई है।जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मालूम हो कि जिले के तीन प्रखंडों ठाकुरगंज, दिघलबैंक और टेढ़ागाछ प्रखंडों में नेपाल से विवाह कर आई महिलाओं की संख्या अधिक है।नेपाल के साथ रोटी बेटी का संबंध होने की वजह से बड़ी संख्या में सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों की रिश्तेदारी नेपाल में है,ग्रामीणों के द्वारा अपने बेटे बेटियों का विवाह नेपाल में करवाया जाता है ।
लेकिन सख्त नागरिकता कानून की वजह से सैकड़ों बहुएं आज तक भारत की नागरिकता से वंचित थी। इनमें कई महिलाएं वर्षों से भारत में अपने परिवार के साथ रह रही हैं। लेकिन कुछ लोगों का नाम मतदाता पुनरीक्षण कार्य के दौरान तो कुछ का, आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण अब तक भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन नहीं कर सकी हैं।
इनके लिए किशनगंज जिले के सभी सात प्रखंडों में 8, 15 और 22 जुलाई को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसमें महिलाओं को नागरिकता अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया में भी सहायता दी जाएगी। इसके लिए जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के द्वारा तमाम प्रखंड विकास अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया गया है।जारी पत्र के मुताबिक प्रखंडों में आवेदन लिया जाएगा उसके बाद जिला सामान्य प्रशाखा में आवेदन की जांच की जाएगी और जांच के उपरांत महिलाओं को नागरिकता प्रदान की जाएगी।
मालूम हो कि नेपाली महिलाएं भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 (1) (सी) के तहत विदेशी महिला पंजीकरण के माध्यम से नागरिकता के लिए आवेदन कर सकती हैं।वही नेपाली बहुओं को नागरिकता देने के सवाल पर किशनगंज सदर विधायक कमरूल हुदा ने कहा कि हमारी हमेशा यह मांग रही है कि सभी धर्म के लोगों को नागरिकता देना चाहिए।उन्होंने कहा कि सिर्फ हिंदू ही नहीं अन्य देशों में रहने वाले मुसलमान भी प्रताड़ित है वो अगर यहां आते हैं तो उन्हें भी नागरिकता मिले ।
श्री हुदा ने कहा कि इसमें संशोधन होना चाहिए अन्यथा आगे आंदोलन करेंगे,वही बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा कि संसद के द्वारा कानून पास किया गया था और इसी आधार पर नागरिकता दिया जा रहा है ।
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि जिले में अभी तक कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए है ।उन्होंने कहा कि अलग अलग प्रखंडों में शिविर का आयोजन कर आवेदन प्राप्त किए जायेंगे और सभी को नागरिकता प्रदान किया जाएगा।बहुओं को नागरिकता मिलने के बाद रोटी बेटी का संबंध और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।


























