विजय कुमार साह टेढ़ागाछ (किशनगंज)।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12वीं वाहिनी के ‘ई’ समवाय माफीटोला द्वारा नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के साथ संयुक्त गश्ती (जॉइंट पेट्रोलिंग) एवं समन्वय बैठक (कोऑर्डिनेशन मीटिंग) का आयोजन किया गया। यह संयुक्त अभियान सीमा स्तंभ संख्या 152 से 153 के बीच संचालित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ‘ई’ समवाय माफीटोला के समवाय प्रभारी एवं सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह ने की। वहीं नेपाल एपीएफ की ओर से सहायक उप निरीक्षक प्रेम बहादुर लीमपु सहित अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सीमा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में तय किया गया कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभों की सुरक्षा तथा सीमा की सतत निगरानी दोनों देशों की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा मादक पदार्थों, नकली भारतीय मुद्रा, शराब, हथियार एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए साझा रणनीति तैयार की गई।
दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए समय-समय पर सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में दोनों सुरक्षा बलों द्वारा आपसी सहयोग और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
बैठक के उपरांत एसएसबी एवं एपीएफ के जवानों ने संयुक्त गश्ती कर सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच नियमित समन्वय और संयुक्त गश्ती आगे भी जारी रहेगी। इससे सीमा पार अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।


























