विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ
टेढ़ागाछ भारत नेपाल सीमा पर स्थित सशस्त्र सीमा बल 12वीं बटालियन फतेहपुर के जवानों एवं फतेहपुर पुलिस वह नेपाल पुलिस फोर्स के द्वारा संयुक्त रूप से मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को एसएसबी बीओपी फतेहपुर की ओर से नशा मुक्ति को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान का नेतृत्व एसएसबी बीओपी फतेहपुर के इंस्पेक्टर राज कुमार, फतेहपुर थाना की एसआई अदाहरी लोसो, थानाध्यक्ष सृष्टि तथा एपीएफ नेपाल के एएसआई अनिल कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों, युवाओं एवं ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
नशीले पदार्थों का सेवन न केवल शारीरिक और मानसिक क्षति पहुंचाता है, बल्कि अपराध और सामाजिक असुरक्षा को भी बढ़ावा देता है।अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। विशेष रूप से युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
एसएसबी एवं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी और उसके दुष्प्रभावों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। आमजन का सहयोग मिलने से नशे के खिलाफ इस लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
अभियान के दौरान लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया तथा अधिकारियों को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए नशे से दूरी ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने सभी नागरिकों से नशा मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।























