टेढ़ागाछ में किसान निबंधन व ई-केवाईसी शिविर का निरीक्षण, शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति का निर्देश

SHARE:

किशनगंज/विजय कुमार साह

टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में चल रहे किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी शिविर का मंगलवार को वरीय प्रभारी पदाधिकारी सह निदेशक, डीआरडीए किशनगंज शशिम सौरभ मणि द्वारा निरीक्षण किया गया। इस क्रम में उन्होंने मटियारी एवं भोरहा पंचायत में आयोजित शिविरों का जायजा लिया और वहां चल रही प्रक्रिया की गहन समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान वरीय प्रभारी पदाधिकारी ने शिविरों में उपस्थित कर्मियों से किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी कार्य की प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान निबंधन और ई-केवाईसी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।


शशिम सौरभ मणि ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बढ़-चढ़कर शिविरों में भाग लें और अपना निबंधन व ई-केवाईसी अवश्य कराएं। इससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि अनुदान सहित अन्य लाभकारी योजनाओं का समय पर लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई किसान जानकारी के अभाव में इन योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, इसलिए जागरूकता बेहद जरूरी है।


वरीय प्रभारी पदाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से भी इस कार्य में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान शिविरों तक पहुंच सकें। जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से किसानों में विश्वास बढ़ेगा और निबंधन की प्रक्रिया में तेजी आएगी।निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार, अंचल अधिकारी शशि कुमार, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी, कार्यपालक सहायक एवं विकास मित्र सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

अधिकारियों ने वरीय प्रभारी पदाधिकारी को शिविरों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया और शेष बचे किसानों तक पहुंचने के लिए अपनाई जा रही रणनीति की जानकारी दी।अंत में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी पंचायतों में किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा किया जाएगा, ताकि किसी भी पात्र किसान को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।

Leave a comment

सबसे ज्यादा पड़ गई