किशनगंज/पोठिया/राज कुमार
सात निश्चय 3 के अंतर्गत सबका सम्मान, जीवन आसान कार्यक्रम के तहत पोठिया प्रखंड में आज व्यापक जनता दरबार का आयोजन हुआ। पंचायत से लेकर प्रखंड, अंचल और सभी थानों में लोगों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं। प्रशासन ने एक ही छत के नीचे समाधान देने का प्रयास किया।
प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में सुबह से ग्रामीणों की लंबी कतार दिखी। जमीन, दाखिल खारिज, पेंशन, राशन, आवास और पारिवारिक विवाद से जुड़े दर्जनों आवेदन आए। आपूर्ति कार्यालय में एमओं अविनाश भारती नें लोगों की समस्याएं सुनी तथा आईसीडीएस कार्यालय में एलएस प्रीति कुमारी मौजूद रही।
जी राम जी कार्यालय में पीओ रजनीकांत सिंह लोगों की फरियाद दर्ज किये।
जनता दरबार के आंकड़े भी जारी किए गए। अंचल कार्यालय में कुल 15 आवेदन मिले, जिनमें 3 का मौके पर निष्पादन कर दिया गया। शेष 12 आवेदनों को संबंधित राजस्व कर्मचारियों को जांच हेतु सौंपा गया है। पोठिया थाना में 3 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1 मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और 2 आवेदन जांच के लिए भेजे गए। पहाड़कट्टा थाना में 2 आवेदन पड़े, जिनमें 1 में प्राथमिकी हुई और 1 मामला जांच में रखा गया है। थाने प्राप्त आवेदन घरेलु हिंसा मारपीट तथा जमीन संबंधित विवाद के हैं।
अंचलाधिकारी मोहित राज ने बताया कि जनता दरबार का मकसद केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि लोगों के मन से दफ्तर का डर खत्म करना है। कई बार छोटी समस्या सही जानकारी के अभाव में बड़ी बन जाती है। हम हर फरियादी की बात धैर्य से सुन रहे हैं। भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे जरूरी है। दाखिल खारिज, सीमांकन और परिमार्जन के काम को समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दे दिया गया है। किसी भी बिचौलिए को बीच में आने नहीं दिया जाएगा। आम आदमी सीधे अधिकारी से मिले, यही सरकार की मंशा है।
उन्होंने आगे कहा, अंचल कार्यालय में जो भी आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, उनकी रोजाना समीक्षा होगी। जरूरत पड़ने पर स्थल निरीक्षण भी किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि लोगों को बेवजह अंचल का चक्कर न लगाना पड़े। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही प्राथमिकता है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद आसिफ ने बताया, जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। आज कई मामलों का तुरंत निपटारा हुआ। शेष आवेदनों पर संबंधित कर्मियों को जवाबदेही दी गई है।
पोठिया थानाध्यक्ष अंजय अमन ने कहा, पुलिस से जुड़े विवादों को आपसी समझौते से सुलझाने पर जोर दिया गया। गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वही पहाड़कट्टा थानाध्यक्ष फुलेन्द्र कुमार ने बताया, ग्रामीण क्षेत्रों में सीधा संवाद अपराध नियंत्रण में सहायक होता है। जनता की हर शिकायत प्राथमिकता से देखी जाएगी।
ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार अधिकारी इतने सहज ढंग से बात सुन रहे हैं। कई लोगों का काम मौके पर ही हो गया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि यह व्यवस्था नियमित चलेगी।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। सभी आवेदनों को रजिस्टर में दर्ज कर समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया। सात निश्चय 3 का यह कदम ग्रामीण प्रशासन में नई उम्मीद जगा रहा है।



























