सैनिक छावनी का निर्माण किसानों की भूमि पर न होकर सरकारी भूमि पर हो : सांसद
बहादुरगंज/किशनगंज/निशांत
बहादुरगंज प्रखंड के सकौर गांव तथा कोचाधामन के सतभीट्ठा में प्रस्तावित सैनिक छावनी का विरोध जारी है। राजनैतिक दलों के नेताओं के साथ साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि कैंप को अन्यत्र स्थापित करने की मांग कर रहे है।
मामले को लेकर मंगलवार को नटुआपाड़ा पंचायत के सकोर में आम सभा का आयोजन किया गया ।
जिसमें लोगों ने सैनिक छावनी किसी अन्य स्थान पर सरकारी जमीन पर अधिग्रहण कर स्थापित करने की बात कही। सभा में कांग्रेस सांसद जावेद आजाद ने शिरकत की एवं स्थल का जायजा लिया। सभा के दौरान सांसद जावेद आजाद ने आमजनों को संबोधित किया और कहा कि प्रस्तावित सैनिक छावनी देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका निर्माण हर हाल में होना चाहिए पर उससे पहले आम लोगों के हित की भी चिंता जरूर हो।
उन्होंने किसानों की वर्तमान स्थिति और उनकी भावनाओं को समझते हुए कहा कि सरकार से यह आग्रह किया जाएगा कि सैनिक छावनी का निर्माण किसानों की भूमि पर न होकर सरकारी भूमि पर हो ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उन्होंने रक्षामंत्री से मुलाकात की है जिसपर रक्षा मंत्री द्वारा उचित समाधान का आश्वासन दिया गया है। मामले के तहत उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी लिखित शिकायत दर्ज कर किसानों की जमीन के बजाय अन्य कहीं सरकारी जमीन उपलब्ध करवाने की मांग की है। सभा के दौरान किशनगंज विधायक कमरुल हुदा, प्रो मुसब्बीर आलम सहित अन्य वक्ताओं ने किसानों के हित के रक्षा की बात करते हुए प्रस्तावित सेना कैंप को अन्यत्र बनाए जाने की मांग की।नेताओ ने कहा कि कैंप का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि उनकी मांग है कि दूसरे जगह पर इसका निर्माण हो क्योंकि किसानों के रोजी रोटी का सवाल है।



























