इन झाड़ियों के कारण मोड़ पर आगे का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे वाहन चालकों को अचानक टर्न का अंदाजा नहीं लग पाता
जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया और दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का गहनता से जायजा लिया
किशनगंज /विजय कुमार साह
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत भारत–नेपाल सीमा सड़क पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषकर राजबान के समीप स्थित खतरनाक टर्निंग क्षेत्र में बार-बार हो रहे हादसों को लेकर अब जनप्रतिनिधि खुलकर सामने आए हैं। मंगलवार को भाजपा प्रवक्ता लखन लाल पंडित, पूर्व प्रखंड प्रमुख कैसर राजा, वार्ड सदस्य हैदर आलम एवं नाजिम आलम ने मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया और दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का गहनता से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान भाजपा प्रवक्ता लखन लाल पंडित ने बताया कि राजबान टर्निंग के पास सड़क के दोनों ओर घना जंगल, झाड़ियां और छोटे-छोटे पेड़ उग आए हैं। इन झाड़ियों के कारण मोड़ पर आगे का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे वाहन चालकों को अचानक टर्न का अंदाजा नहीं लग पाता। खासकर बाइक सवार और छोटे वाहन चालक अचानक सामने से आने वाले वाहनों या मोड़ को देखकर घबरा जाते हैं, जिससे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद गंभीर है और यही वजह है कि इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
लखन लाल पंडित ने बताया कि अब तक इसी स्थान पर चार लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जो प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई, मोड़ पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर जैसी व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से अविलंब इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।पूर्व प्रखंड प्रमुख कैसर राजा ने भी निरीक्षण के दौरान चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क सीमा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहन और राहगीर आवाजाही करते हैं।
भारत–नेपाल सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क से व्यापार, आवागमन और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें जुड़ी हुई हैं। ऐसी स्थिति में सड़क की उपेक्षा करना आम जनता की जान को खतरे में डालने जैसा है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीर होना होगा और तत्काल समाधान निकालना होगा।
वार्ड सदस्य हैदर आलम और नाजिम आलम ने भी एक स्वर में कहा कि स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि पर्याप्त रोशनी और संकेतक न होने से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि राजबान टर्निंग के दोनों ओर फैले जंगल-झाड़ियों की जल्द से जल्द कटाई कराई जाए, सड़क को चौड़ा किया जाए, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा उपाय लगाए जाएं तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए। लोगो ने जगह की जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन के लिए भी मजबूर होना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस निरीक्षण के बाद प्रशासन जागेगा और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।



























