घूसखोर राजस्व कर्मचारी को 2 लाख 50हजार रुपए घुस लेते रंगे हाथों किया गया गिरफ्तार
राजदीप पासवान को निगरानी टीम ने खदेड़ कर दबोचा
राजेश दुबे/किशनगंज
बिहार में निगरानी विभाग की टीम के द्वारा लगातार घूसखोर अधिकारियों पर कारवाई की जा रही है।उसी क्रम में मंगलवार को किशनगंज सदर प्रखंड में कार्यरत राजस्व कर्मचारी राजदीप पासवान को पटना से पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने 2 लाख 50 हजार रुपए घुस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।मालूम हो कि राजस्व कर्मचारी को निगरानी की टीम ने लगभग 1 किलोमीटर खदेड़ कर दबोचा ।दरअसल राजस्व कर्मचारी ने वादी को प्रखंड कार्यालय के निकट नकदी के साथ बुलाया था। जहां उसे शिकायकर्ता ओवेस अंसारी ने थैले में रुपया दिया इसी दौरान उसे शक हो गया कि कुछ गड़बड़ है ।गड़बड़ी की आशंका से उसने रुपए से भरा थैला फेंक दिया और भागने की कोशिश की।लेकिन उसे निगरानी के तेज तर्रार अधिकारियों ने खदेड़ कर दबोच लिया।
भीड़ का फायदा उठाने की कोशिश
विभाग के द्वारा कारवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।प्रखंड कार्यालय के निकट जहां रुपए का लेन देन होने वाला था वहां आस पास बैठे लोगो को भी भनक नहीं थी।
घूसखोर राजस्व कर्मचारी ने पकड़े जाने पर मौके पर जुटी भीड़ का फायदा भी उठाने की कोशिश की और घुस लेने की बात से इनकार करता रहा लेकिन उसका कोई हथकंडा काम नहीं आया
निगरानी ने घूसखोरी पकड़ने का दिया लाइव डेमो
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने लाइव डेमो के जरिय यह साबित किया कि इन्होंने रुपए लिए है।टीम के द्वारा पानी भरे ग्लास में राजदीप पासवान का हाथ धुलवाया गया और उसकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई।गौरतलब हो कि निगरानी विभाग से जब कोई शिकायत करता है तो उसे विभाग द्वारा ही राशि उपलब्ध करवाई जाती है,जिसमें एक खास तरह का केमिकल पूर्व से ही लगा दिया जाता है ताकि अगर कोई रुपया फेक कर चालाकी भी दिखाए तो बच नहीं सके।कुछ ऐसा ही यहां भी हुआ जब पानी से भरे ग्लास में राजदीप का हाथ डुबाया गया तो पानी का रंग ब्लू हो गया ।
जमीन परिमार्जन के लिए मांगा गया था घुस
सदर थाना क्षेत्र के खगड़ा निवासी ओवेस अंसारी ने निगरानी विभाग को यह शिकायत किया था कि जमीन परिमार्जन के नाम पर राजस्व कर्मचारी राजदीप पासवान के द्वारा 2 लाख 50 हजार रुपए की मांग की जा रही है।जिसके बाद निगरानी विभाग की टीम के द्वारा मामले की जांच की गई और मामला सत्य पाए जाने के बाद मंगलवार को जाल बिछा कर प्रखंड कार्यालय के निकट स्थित अभिषेक होटल से घुस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
निगरानी के डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि वादी ओवेस अंसारी ने परिमार्जन के लिए अंचल अधिकारी को आवेदन दिया था ।जिसके बाद उन्हें राजस्व कर्मचारी के पास भेजा गया। जहां राजस्व कर्मचारी राजदीप पासवान ने लाखो रुपए घुस की मांग की।वादी और राजस्व कर्मचारी के बीच ब 2 लाख 50 हजार रुपए में मामला तय हुआ।जिसके बाद मंगलवार को सात सदस्यीय टीम के द्वारा कारवाई करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय में पसरा सन्नाटा
राजस्व कर्मचारी के गिरफ्तारी की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर आई शहर से लेकर जिले तक में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।चौक चौराहे पर सरकारी कर्मचारी आपस में चर्चा करते दिखे।राजदीप की गिरफ्तारी के बाद कर्मियों में हड़कंप मच गया है।वही कुछ लोग अंचलाधिकारी के संलिप्तता के जांच की मांग भी की ।शहरवासियों का कहना था कि अंचलाधिकारी के मिली भगत से यह कार्य संभव ही नहीं है।
सूत्रों की माने तो अंचलाधिकारी ने राजदीप को नगर परिषद क्षेत्र के साथ साथ कई पंचायतों का प्रभार दे कर रखा था।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए और जो भी दोषी कर्मचारी और अधिकारी है उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
निगरानी विभाग की टीम घूसखोर कर्मचारी को आवश्यक पूछताछ के बाद अपने साथ पटना ले गई है जहां अग्रतर कारवाई की जाएगी।



























